सद्भावना धर्म है और दुर्भावना पाप है पर्यावरण रक्षा; राष्ट्र संत श्री कमल मुनि कमलेश

5:29 pm or November 5, 2022

महावीर अग्रवाल 

मन्दसौर ५ नवंबर ;अभी तक;  मंदसौर में चातुर्मास हेतु विराजित राष्ट्र संत श्री कमलमुनि कमलेश का धर्मधाम गीता भवन में विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। संतश्री रामनिवासजी महाराज के आग्रह पर आपका गीता भवन में आगमन हुआ। अपने प्रवचन में श्री कमलमुनिजी म.सा. ने कहा कि कर्तद्यव्य का पालन सबसे बड़ा धर्म हैं धर्म एक है, सम्प्रदाय अलग-अलग पंथ है किन्तु सबका प्रयोजन एक ही है।

आपने कहा कि जाति, धर्म, वर्ग के नाम पर अलगाव मानवहित में नहीं है। सब एक दूसरे का सम्मान करे, इसी में लोक कल्याण है। आपने कहा कि शबरी, केवट, चंदनबाला जैसी श्रद्धा भावना ही जीवन को अध्यात्म के लक्ष्य तक पहुंचा सकती है। श्री कृष्ण ने नंगे पांव गाय चराकर गौ सेवा की। गौ माता की जय बोलना पर्याप्त नहीं है। गौ सेवा करना जरूरी है। आपने कहा कि पॉलिथिन का प्रचलन गौमाता व अन्य प्राणियों के लिये घातक है। इसलिये इससे बचे। जीवदया को साकार  करने के लिये चमड़े का उपयोग बंद करें।

आपने कहा कि परमार्थ धर्म है और स्वार्थ पाप हैं सद्भावना धर्म है, दुर्भावना पाप हैं प्रत्येक व्यक्ति नियमित रूप से  गौशाला जाए और गौ सेवा करें। आपने कहा कि सत्संग से ही जीवन में शांति आती है।

श्रीरामनिवासजी महाराज ने कहा कि संतों का त्याग पूर्ण जीवन सबके लिये प्रेरणादायी है। आपने कहा कि मंदसौर धर्म नगरी है और संतों के आशीर्वाद व भक्तों के सहयोग से यहां निरंतर धार्मिक गतिविधियां चलती है।

गीता भवन के संरक्षक एवं पूर्व मंत्री श्री नरेन्द्र नाहटा, वरिष्ठ अभिभाषक श्री प्रकाश रातड़िया, समाजसेवी श्री विजय खटोड़ ने भी विचार व्यक्त किये। ज्योतिषज्ञ एवं रामद्वारा संचालिका दीदी लाड़कुंवर, नपाध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर, गीता भवन उपाध्यक्ष जगदीश चौधरी, ट्रस्टी विनोद चौबे, शेषनारायण माली, राव विजयसिंह, सुभाष अग्रवाल, रजनीश पुरोहित, पुजारी अभिषेक शर्मा, महाविद्यालय के प्राचार्य बी.आर. नलवाया, पूर्व एसडीएम श्री बौरासी, विहिप के अध्यक्ष कन्हैयालाल सोनगरा, नवनीतदास पारिख, जैन समाज सचिव विजय खटोड़, रमेश ब्रिजवानी, कृष्णकुमार जोशी, प्रमोद पारिक, महिला मण्डल में विद्या उपाध्याय, अंजू तिवारी, गीताबाई जोशी अठाना, प्रेमलता आचार्य, सुधा फरक्या, बिन्दू चन्द्रे, शशि झलोया, पूर्णिमा जैन, नेहा जैन, अनुपमा बैरागी, रानु तोमर, उषा चौधरी आदि ने संतश्री का वंदन अभिनंदन किया। संचालन धर्मधाम गीता भवन के सचिव श्री अशोक त्रिपाठी ने किया। चित्तौड़गढ़ से आई संगीता जैन ने भजन प्रस्तुत किया। श्री रामनिवासजी महाराज का श्री कमलमुनि की ओर से जैन समाज के प्रतिनिधियों ने शाल श्रीफल से सम्मान किया। प्रभावना महावीर जैन उपसंपादक दैनिक प्रभात की ओर से वितरित की गई। आभार प्रदर्शन कमल कोठारी ने किया।