सप्ताह में सातों दिन खुलेंगे कोविड वैक्सीनेशन केन्द्र

मातनक भार्गव

बैतूल, 03 नवंबर ;अभी तक;  प्रदेश के शत-प्रतिशत लक्षित व्यक्तियों को दिसम्बर माह अंत तक कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के लिये रणनीति बनाई गई है। सप्ताह के सातों दिन कोविड-19 टीकाकरण केन्द्र पर टीकाकरण किया जा रहा है। कोविड टीकाकरण महा-अभियान 10, 17, 24 नवम्बर और 4 दिसम्बर को संचालित किया जायेगा। कोरोना वैक्सीन से शेष रहे लोगों और दूसरी डोज से शेष रहे लोगों को चिन्हित कर उन्हें टीकाकरण केन्द्र तक पहुँचाने और उनका टीकाकरण सुनिश्चित कराने के लिये सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन के लिये किये गये नवाचारों को देखते हुए शत-प्रतिशत व्यक्तियों का टीकाकरण करवाने में कारगर नवाचार और रणनीति को अपनाने के लिये भी कहा गया।

तैयार की गई रणनीति में सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों से कहा गया है कि कोविड-19 टीकाकरण के लिये व्यवस्थित ढंग से ऐसे प्रयास करें, जिससे टीका लगवाने से कोई भी व्यक्ति वंचित नहीं रहे। इसके लिये ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की जाये, जिन्होंने एक भी टीका नहीं लगवाया है। इसके बाद एक टीका लगवा चुके व्यक्तियों की सूची बनाई जाये। कोविड टीके की दोनों डोज लगवाने वाले व्यक्तियों की भी सूची बनाई जाये। सभी व्यक्तियों को चिन्हित करने के लिये निवास स्थान छोड़ चुके अथवा अपने निवास स्थान से अन्य स्थान के लिये पलायन करने वाले परिवारों की सूची भी बनाई जाये। कोविड-19 टीकाकरण का प्रतिरोध करने वाले परिवारों को चिन्हित कर उनकी भी सूची तैयार की जायेगी।
परिवारों का चिन्हांकन कर टीकाकरण करवाने में आशा कार्यकर्ता, सहायिका, स्व-सहायता समूह, ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक, कोटवार, पटवारी, शिक्षक, शासकीय उचित मूल्य दुकानों के सेल्समेन, मनरेगा के मजदूर, सहकारिता संस्थाओं के सदस्य, वन-रक्षक समिति के सदस्य और उनके परिवार को दायित्व सौंपा गया है। यह सभी विभागवार योजना बनाकर शत-प्रतिशत व्यक्तियों को पहला और दूसरा डोज लगवाना सुनिश्चित करेंगे।

पात्र व्यक्तियों को शत-प्रतिशत वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के लिये विभागवार दायित्व दिये गये हैं। स्कूल और महाविद्यालय के विद्यार्थियों को उनके परिवार को वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिये जागरूक और प्रेरित करने का दायित्व दिया गया है। गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं का टीकाकरण करवाने का कार्य महिला-बाल विकास विभाग की आँगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता करेंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जायेगा। सुदूर वन क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों का वन-रक्षक और वन समितियों द्वारा टीकाकरण करवाना सुनिश्चित किया जायेगा। परिवहन विभाग बस-स्टॉप और वाहनों के माध्यम से टीकाकरण संबंधी जन-जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करेगा। एनसीसी और स्काउट गाइड के छात्र-छात्राएँ वैक्सीनेशन का प्रतिरोध करने वाले परिवारों को टीकाकरण के लिये प्रेरित करेंगे।

टीकाकरण को प्रोत्साहित करने वाले सफलतम प्रयास
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टीकाकरण की रणनीति में टीकाकरण के लिये प्रेरित करने वाले सफलतम प्रयासों को रेखांकित किया गया है। एक स्थान पर हुए ऐसे प्रयासों को अन्य स्थानों पर अपनाने के लिये भी कहा गया है। इन सफलतम प्रयासों में आगर जिले में कृषि मण्डी पर वैक्सीनेशन केन्द्र की स्थापना, जिन व्यक्तियों का टीकाकरण होना बाकी है, उनकी सूची स्व-सहायता समूह आदि के सहयोग से ग्राम पंचायत में लगाना, भोपाल जिले में दुकानदारों और उनके कर्मचारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के बाजार में विशेष ग्रामसभा कर दूसरी डोज लगवाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिये फुली वैक्सीनेटेड मॉर्केट डिक्लेयर करने जैसे नवाचार शामिल हैं। इसी प्रकार दतिया जिले में शिक्षकों द्वारा वैक्सीनेशन के लिये टेलीफोन से सम्पर्क, डिण्डोरी में धान के खेतों पर टीकाकरण केन्द्र बनाना, हरदा में महाविद्यालय के विद्यार्थियों को ‘मैं कोरोना वालेंटियर हूँ’ के रूप में नामांकित किया जाना, टीकाकरण के लिये प्रोत्साहित करने ‘सार्थक लाइट एप’, झाबुआ में ‘साथिया’ शीर्षक से विशेष ग्रुप बनाकर उसके माध्यम से टीकाकरण के लिये लोगों को प्रेरित करने जैसे नवाचार भी अपनाने को कहा गया है।
प्रतिदिन समीक्षा
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शत-प्रतिशत व्यक्तियों के कोविड-19 टीकाकरण की प्रगति की कलेक्टर्स प्रतिदिन समीक्षा करेंगे। ऐसे स्थान, जहाँ कम टीकाकरण हुआ है, वहाँ का संबंधित जिला कलेक्टर, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भ्रमण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।