समझाईश से हुई सुलह और बच्चों को मिले माता-पिता

मयंक भार्गव, बैतूल से

बैतूल ३ अक्टूबर ;अभी तक; परिवार परामर्श केंद्र की समझाईश से ना सिर्फ एक परिवार टूटने से बच गया बल्कि अलग-अलग रहे रहे पति-पत्नी को एक होने का अवसर भी मिल गया है। इससे सबसे बड़ी उपलब्धि बच्चे को माता-पिता के रूप में मिल गई है जो कि पहले नहीं थी। माता-पिता के साथ ब”ाा भी खुश नजर आ रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पति-पत्नी के झगड़ो की सजा मासूम ब’चों को भुगतनी पड़ रही थी लेकिन पुलिस की ईमानदार कोशिशों से ब’चों ने एक साल बाद अपने माँ बाप को देखा ओर दोनो से ही दुलार पाया। बीजादेही निवासी बबलू धुर्वे परिवारिक विवादों के चलते एक वर्ष से अपनी पत्नी सविता को लेने ससुराल नहीं गया और ससुराल वालों ने भी जिद कर रखी थी कि वो बेटी को लड़के के साथ ही ससुराल भेजेंगे। सरिता दो ब’चों के साथ अपने मायके में ही रह रही थी। यह परिवारिक विवाद परिवार परामर्श केंद्र के पास आया और केंद ्र द्वारा सूझबूझ से दोनों पक्षों का समझौता करवाया गया। इस समझौते से 2 ब’चों को एक वर्ष बाद उनके मम्मी- पापा एक साथ देखने को मिले। महिला सेल की टीम के समक्ष पति पत्नी ने अपने परिजनों की उपस्थिति में वर माला डाली और परिवार के बुजुर्गों से पुन: सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त किया। ब”ो को माता-पिता का साथ श्री उइके, सुश्री पंडाग्रे, श्री वर्मा और मधु टोप्पो के प्रयासों की वजह से मिल सका।

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