सरकारी तंत्र में अयोग्य कर्मचारियों की भरमार-रमेशचन्द्र चन्द्रे

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर २१ अक्टूबर ;अभी तक; शासकीय विभागों में अधिकांश कर्मचारियों की योग्यता और क्षमताएं निरंतर घटती जा रही है तथा इस तरह के कर्मचारी अक्षम एवं आलसी होने के साथ-साथ भ्रष्टाचार के चिंतन तथा जुगाड़ में भी लगे दिखाई देते हैं।
उक्त बात शिक्षाविद् रमेशचन्द्र चन्द्रे ने कहते हुए कहा कि ऐसे कारणों की यदि जांच की जाए तो प्रमुख कारण नजर आता है कि सरकारी तंत्र में अनुकंपा नियुक्ति के नियम के कारण अयोग्य लोगों की नियुक्ति होती है और कभी-कभी घरेलू महिलाएं भी अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त कर लेती है जिसके कारण योग्य लोगों के साथ-साथ अयोग्य लोगों की भर्ती भी हो जाती है यह नियम शासकीय तंत्र को कमजोर करता है।
श्री चन्द्रे ने एक अन्य कारण बताते हुए कहा कि एक समय था जब रिटायरमेंट की अवधि 55-56 वर्ष की हुआ करती थी किंतु अब 62 एवं 65 वर्ष की आयु होने के कारण उम्रगत जो शारीरिक रूप से कमजोर होते है उनकी संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है और ऐसे कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी कम होती है और वह लापरवाह भी हो जाते हैं। कुछ कर्मचारियों को सीमा से अधिक वेतन प्राप्त होता है जबकि उतने वेतन की उन्हें आवश्यकता नहीं है और यही कारण होता है कि पैसे की अधिकता के कारण वह घमंडी और अव्यावहारिक तथा कभी-कभी बुरी आदतों के शिकार भी होते जा रहे हैं तथा कई कर्मचारियों के चारित्रिक पतन हो रहे हैं क्योंकि ज्यादा वेतन मतलब पैसा बोलता है।
श्री चन्द्रे ने कहा कि कर्मचारी संगठनों से जुड़े होने का अहम् होने तथा न्यायालय में जाने की सुविधा होने से कर्मचारी शासकीय नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए भी नजर आते हैं तथा स्थानांतरण हो या अन्य कोई कार्यवाही वे न्यायालय में जाकर सरकार को चुनौती देते हैं इस कारण भी शासकीय कर्मचारियों की क्षमता का विकास नहीं हो रहा है। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को राजनीतिक नेताओं तथा पार्टी का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सपोर्ट भी कर्मचारियों को तानाशाही एवं लालफीताशाही सहित जनता के प्रति और संवेदनहीन बना देती है
श्री चन्द्रे ने शासन को सुझाव देते हुए कहा कि ऐसे कई कर्मचारी जो क्षमताओं का विकास नहीं कर पाते हैं उनके लिये समय-समय पर रिफ्रेशर कोर्स योग्यता परीक्षा इत्यादि का आयोजन होते रहना चाहिए। केवल सर्विस बुक या अधिकारियों की सिफारिश पर ही कर्मचारियों को योग्य नहीं मानना चाहिए। अनुकंपा नियुक्ति के लिये शिक्षा का मापदंड होना जरूरी हैं। नवीन नियुक्तियां योग्यता के आधार पर करना चाहिए। यदि शासकीय तंत्र के कर्मचारी ठीक-ठाक होंगे तो प्रशासन भी ठीक चलेगा और प्रशासन ठीक चलेगा तो ही शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति को मिल सकेगा।

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