सरकार ने तीन महीने के लिए सिरिंजों की कुछ खास श्रेणियों के निर्यात पर मात्रात्मक पाबंदी लगायी

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर ; केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि सरकार ने सिरिंजों की कुछ खास श्रणियों की घरेलू स्तर पर उपलब्धता एवं बिक्री बढ़ाने के लिए उनके निर्यात पर ‘मात्रात्मक रोक’ लगायी है।

मंत्रालय ने कहा कि यह पाबंदी बस सिरिंज की तीन श्रेणियों पर लागू है क्योंकि ये सिरिंज यथासंभव कम समय में कोविड-19 के खिलाफ टीका लगाने के कार्यक्रम की गति बनाये रखने के लिए अहम हैं।

इसने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार के सिरिंज के निर्यात पर पाबंदी नहीं है बल्कि तीन महीने की सीमित अवधि के लिए विशेष प्रकार के सिरिंजों के निर्यात पर मात्रात्मक रोक है।

इसने कहा कि कोविड-19 निरोधक टीके लगाने में उपयोग आने वाले सिरिंज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने इसकी तीन श्रेणियों पर महज तीन महीने के लिए मात्रात्मक रोक लगायी है। इसके अनुसार सीरिंजों की ये श्रेणिया 0.5 एमएल/1 एमएल एपी (स्वत: अक्षम) , 0.5 एमएल/1 एमएल / 2 एमएल/ 3 एमएल (निस्तारण योग्य) और 1 एमएल / 2 एमएल/ 3 एमएल आरयूपी हैं।

सरकार ने सोमवार को तत्काल प्रभाव से इसके निर्यात पर रोक लगायी, इस कदम का उद्देश्य वर्तमान कोविड-19 महामारी के मद्देनजर उनके बाहरी खेप को निरूत्साहित करना है।

ऑल इंडिया सिरिंज एंड नीडल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को निर्यात पर रोक लगाने के निर्णय पर निराशा जतायी थी और सरकार से गैर कोविड-19 आकार वाले सिरिंज के निर्यात पर रोक नहीं लगाने की अपील की थी।