सांठगांठ के चलते 7 हजार 500 क्विंटल अमानक चावल खपाने के लिये डिंडोरी जिले में भेज दिया गया

आनंद ताम्रकार

बालाघाट २१ मार्च ;अभी तक;  बालाघाट एवं मंडला जिले से डिंडोरी जिले में भिजवाया गया 750 मैट्रिक टन, 7 हजार 500 क्विंटल अमानक चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पहुंचाया गया है यह वहीं पोल्ट्री फ्रीड चांवल है जो मण्डला तथा बालाघाट के गोदामों में जांच के दौरान बरामद हुआ था और सरकार के निर्देश पर राईस मिलर्स को प्रदाय किया गया चावल अपग्रेड कर मानक स्तर का चावल प्रदाय करना  था लेकिन नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक तथा गुणवत्ता निरीक्षक एवं राईस मिलर्स की सांठगांठ के चलते उसे खपाने के लिये डिंडोरी जिले में भेज दिया गया।

यह उल्लेखनीय है की मण्डला जिले के तत्कालीन जिला प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव के कार्यकाल में अमानक स्तर का चावल खरीदा गया था। जिसके कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया था लेकिन सत्ता पक्ष से जुडे राईस मिलर्स और केंद्रीय शासन के एक मंत्री के दबाव के चलते मनोज श्रीवास्तव को डिंडोरी जिले में पदस्थ कर दिया गया।
जबकि आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा जबलपुर द्वारा मनोज श्रीवास्तव एवं आर के सोनी जिला प्रबंधक के विरूद्ध एफआईआर विभिन्न मामलों में दर्ज की गई और उसकी जांच जारी है। डिडौरी में अमानक चांवल राषन दुकान में जब वितरित किये जाने के लिये पहुंचा तो उपभोक्ताओं ने चांवल की हालत देखते ही लेने से मना कर दिया। इसकी शिकायत मिलने पर डिंडौरी एसडीएम महेश मंडलोई ने वेयर हाउस पहुंचकर जांच की जिसमें उन्होंने चावल को अमानक एवं उपभोग के नाकाबिल बताया तथा उसके वितरण पर रोक लगा दी गई। बडी मात्रा में अमानक स्तर का घटिया चावल पहुंचने से हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है।

यह आश्चर्य का विषय है की मंडला और बालाघाट जिले से अमानक स्तर का चावल प्राप्त होने जिला प्रबंधक ने उसकी गुणवत्ता की जांच किये बिना कैसे गोदामों में भण्डारित करवा दिया। और गोदाम प्रभारी ने भी बिना शोरगुल किये चावल गोदामों में रखवा दिया। एक सप्ताह पूर्व वेयर हाउस पहुंचे उक्त चावल का वितरण हेतु जिले के मोहतरा और पडरियाकलां सोसाइटी को भेज दिया गया जहां कलेक्टर श्री महोदया ने मोहतरा में एक राशन दुकान का निरीक्षण किया तो उन्होंने वितरित किये जा रहे चावल का अवलोकन किया तो चावल घटिया पाया गया और उसमें इल्लियां दिखाई दे रही थी। इसके बाद ही कलेक्टर महोदया ने एसडीएम डिडौरी को निगवानी गोदाम भेजा गया जहां घटिया और अमानक स्तर के 5 स्टेग भण्डारित कर रखे गये है। पडरियाकलां की सोसायटी में भी इसी स्तर का घटिया चांवल उपभोक्ताओं में वितरित किये जाने हेतु भेजा गया है।

इतनी बड़ी मात्रा में अमानक चांवल की खरीदी के इस खेल में गुणवत्ता निरीक्षक,जिला प्रबंधक सहित राईस मिलर्स शामिल है। जिन्होने हजारों रुपये की दर पर प्रति लाट कमीशन लेकर चावल खरीदा है। इसी के चलते खरीदी से लेकर गोदामों में भंडारित करने और उसे जिले के बाहर भेजने के पूर्व तथा जिस जिले में भेजा गया है उस स्तर पर जांच ही नहीं की गई और मण्डला तथा बालाघाट से भेजा गया चांवल गुपचुप तरीके से गोदामों में रखवा लिया गया।

उधर नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव ने स्वीकार किया है की 1 सप्ताह पूर्व मण्डला तथा बालाघाट जिले से आया हुआ 750 मैट्रिक टन चावल अमानक स्तर का पाया गया है जिसके वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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