सांसद और मंत्री ने उत्तराखंड हादसे पर जनता का दिल जीता, मुखिया की तरह निभाई भूमिका

10:57 am or June 10, 2022
(दीपक शर्मा)
पन्ना १० जून ;अभी तक; उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी में रविवार को हुए बस दुर्घटना के बाद केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ओर राज्य की शिवराज सरकार जिस जिस गति से बचाव के लिए एक्शन में आई उसकी हर तरफ प्रशंसा की जा रही है। ये बात और हे कि धर्मयात्रा पर निकले ज्यादातर पुण्यात्माओं को  वह बचा नही सके। लेकिन उनके शवों को जिस तरह से श्रद्धा और आस्था के साथ परिजनों को सुपुर्द किया गया उससे जनता में दोनो सरकारों के बीच विश्वास और भरोसे का ग्राफ बढ़ गया है। इस कार्य मे खजुराहो सांसद एवं राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने रोते- बिलखते पीड़ित परिजनों के घर घर पहुच कर उन्हें सांत्वना देकर ढाढस बढ़ाने का काम किया तो पीड़ित परिजनों को वह अपने से लगने लगे।
                   इस भीषण हादसे के बाद से ही उन्होंने जोउत्तराखण्ड पहुच मदद तत्काल मदद का हाथ बढ़ाया ओर मृतिको के पार्थिव शरीर को विशेष विमान के द्वारा लाकर परिजनों को सुपुर्द किया गया साथ ही पीड़ित परिजनों के घर पहुच कर उन्हें हर संभव मदद के लिए एक मुखिया की तरह  हाथ बढ़ाये मुखिया की तरह उससे क्षेत्रीय सांसद ओर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और खनिज मंत्री बृजेन्द्र रात सिंह ने जनता का दिल जीत लिया है।
*कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने सहायता राशि का चेक सौंपा*
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                  उत्तराखंड हादसे  के बाद पन्ना जिला प्रसाशन ने जिस तरह से रात-दिन परिजनों के बीच रहकर मानवीय संवेदनाएं प्रस्तुत की ओर श्रद्धालुओं के परिवारजनों को तात्कालिक रूप से राहत पहुचाई है उसे पीड़ित परिजन अब भी याद कर रहे है।पन्ना कालेक्टर संजय कुमार मिश्रा और पुलिस कप्तान घर्मराज मीना ने धर्म और नेक राह पर चलने वाले तीर्थ यात्रियों के परिजनों के बीच रात-दिन बने रह कर उन्हें उनके ही परिवार का सदस्य होने का एहसास कराया है हर वक्त उनके दुखदर्द को बताने का जो प्रयास किया है उसे लोग अब भी यादों में बसाए हुए है। चुनाव की इस घड़ी में समय निकाल कर पीड़ितों के बीच पहुचने की दरियादिली का नमूना है।
                   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी में रविवार को बस दुर्घटना में मृत पन्ना जिले के श्रद्धालुओं के परिवारजनों को तात्कालिक रूप से आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। कलेक्टर श्री संजय कुमार मिश्र और पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा ने मंगलवार को शाम सभी मृतकों के परिवारजनों से व्यक्तिगत भेंटकर 5-5  लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि का चेक सौंपा तथा दुःख की घड़ी में परिवारजनों को सांत्वना दी एवं ढांढस बंधाया। केंद्र सरकार द्वारा 2 लाख रुपए एवं उत्तराखण्ड सरकार द्वारा भी 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी परिजनों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस बीच मुख्यमंत्री श्री चौहान का सांत्वना संदेश भी शोकाकुल परिवारजनों को सौंपा गया।
राजकुमार सबसे कम उम्र का तीर्थयात्री भी हुआ हादसे का शिकार
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नाम-राजकुमार
पिता- मस्तराम राजपूत
निवासी-ककरहटा (गुनोर तहसील)
उम्र-महज 39 साल
    यह नौ जवान भी उत्तराखंड बस हादसे का शिकार हो गया।राजकुमार मूलतः किसान था जो किसानी कर अपने बृद्ध माता-पिता का सहारा था।वह अपने परिवार का मुखिया भी था।ऐसी नाते वह अपनी बृद्ध माता राजकुँवर 55 साल को श्रवण कुमार वन तीर्थ यात्रा पर ले कर गया था। लेकिन वह जिल्रे के 24 तीर्थ यात्रियों के साथ राम को प्यारा हो गया।वहीं इस हादसे में उसकी बृद्ध माता घायल बताई जा रही है।राजकुमार अपने पीछे बृद्ध विकलांग पिता के अलावा एक तेरह साल ओर गयारह साल के बेटे को छोड़ गया है।उसकी  शादी 2004 में हुई थी।वह अपने घर मे इकलौता कमाने वाला था।
इस हादसे के बाद अब तक गावँ में मातम पसरा है। पन्ना जिले में दिल दहला देने वाले इस हादसे में कई परिवार एक साथ दुनिया को अलविदा कह गए है।जिले के जिन गावँ में 24 चिताएं एक साथ जली है वहाँ अब तक सन्नाटा पसरा है।
धार्मिक स्थलों में सतर्कता बढ़ाये जाने की ओर जरूरत
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 देश को दहला देने वाली उत्तराखंड बस हादसे की यह घटना सरकार और जनता को सीख दे गई है कि तीर्थस्थलों ही नही बल्कि बसों में हरदम सरकार को चौकन्ना रहने की जरूरत है।बसों की फिटनिस ओर ड्राइवर की लापरवाही की कोई गुंजाइश नही होनी चाहिए। क्योंकि जो लोग अपनो को खोते है उनसे पूछिये कि कितना दर्द होता है…जब छोड़कर अपने चले जाते है।