साउथ गुजराथ युनिवर्सिटी की सर्वे रिपोर्ट में सांसद गजेंद्र पटेल को मिला सक्रिय सांसद का स्थान

आशुतोष पुरोहित

खरगोन १४ सितंबर ;अभी तक;  कोरोना काल में संसदीय क्षेत्रवासियों के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी सांसद गजेंद्र पटेल द्वारा किए गए कार्यों एवं उनकी सक्रियता की सराहना हो रही है। सांसद कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह निष्कर्ष साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर धवल मेहता और उनकी टीम द्वारा मार्च से लेकर जून माह तक देशभर में किए गए सांसदो के सर्वे में सामने आया है। रविवार को सार्वजनिक हुए इस सर्वे रिपोर्ट में खरगोन. बड़वानी संसदीय क्षेत्र के सांसद पटेल को कोरेाना काल में आमजन तक पहुंचाने वाली जरुरत की सामग्री, लोगों को बीमारी से बचाव के लिए जागरुक करने एवं स्वास्थ्य अमले के साथ निरंतर संपर्क में रहने के लिए सक्रिय सांसदों की श्रेणी में शामिल किया गया है।

सर्वे में कई पैमानों पर सांसदों को परखा गया

इस सर्वे में देशभर के सांसदों को शामिल किया गया था। सांसदों के लिए शुरुआत में किए गए कार्य, ली गई बैठकें, जन जागरण के लिए गए काम, संसदीय क्षेत्र में की गई पहल, सामाजिक मुद्दे तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों के साथ समन्वय जैसे मानक तय किए गए। साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर धवल मेहता ने कहा कि कोरोना एक ऐतिहासिक और भीषण आपदा है, ऐसे वक्त जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए काम ऐतिहासिक दस्तावेज है। सर्वे में कई पैमानों पर सांसदों को परखा गया।  सांसद पटेल ने कहा कि ये पूरे निमाड़ांचल के लिए गौरव की बात है और मेरे लिए संतोष का विषय है कि मुझे जिस काम के लिए  जनता ने चुना था वो मैं अच्छे से कर पा रहा हूं। सांसद ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र जी  मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी दिन रात देश सेवा में लगे रहते हैं, वे प्रेरणास्त्रोत है।

ऐसे रहे सक्रिय

-सांसद पटेल कोरोना काल शुरु होते ही कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहे।

-सूचना मिलने पर हर जरुरतमंद तक पहुंचाई मदद।

-स्वास्थ्य अमले से व्यवस्थाओं को लेकर करते रहे चर्चा।

-मास्क, सेनेटाईजर, वेंटिलेटर के लिए कि शासन स्तर पर कि मदद।

-कोविड अस्पताल, ज्यादा मरीजों वाली कॉलोनी, सभी जगह जाकर देखते रहे व्यवस्थाएं।

-कई बार कार में ही नाश्ता करते दिखाई दिए।

-कार्यकर्ताओं से कि ऑनलाईन बैठकें।

-आपदा प्रबंधन समूह के साथ ही शासन. प्रशासन के साथ कि बैठकें।

-विदेश में फंसे जिले के छात्रों को लाने के लिए केंद्रिय विदेश मंत्री सहित प्रधानमंत्री को दी जानकारी।

-रेपिड जांच मशीन की व्यवस्था की।

-कोरोनाकाल में लगातार जागरूक अभियान चलाया, मास्क, सेनेटाईजर, कीट बांटे।

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