सात बार नोटिस देने के बाद भी नहीं सुधरे लिपिक को किया सस्पेंड

मयंक भार्गव

बैतूल २६ अक्टूबर ;अभी तक;  जिस किसी के व्यवहार में लापरवाही रच और बस जाती है फिर उसे कोई फर्क नहीं पड़ता है। ऐसा ही हाल सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ एक लिपिक का हो गया है। लिपिक को एक नहीं दो नहीं बल्कि सात बार शोकाज नोटिस देने के बावजूद भी उसकी कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं आने पर अंतत: उसे सीएमएचओ सस्पेंड कर दिया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके तिवारी ने बताया कि कार्यालय की लीगल शाखा में पिछले 2 सालों से 34 प्रकरण पेंडिंग पड़े थे। यह गम्भीर लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने लीगल शाखा प्रभारी राजेश गुजनारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

सीएमएचओ डॉ. एके तिवारी ने बताया कि 2 साल से 34 प्रकरण पेंडिंग हैं। शाखा प्रभारी और सहायक ग्रेड-3 राजेश गुजनारे को अग्रिम कार्यवाही हेतु बार-बार नस्तियां पेश करने एवं न्यायालय में जवाबदावा प्रस्तुत करने मौखिक एवं लिखित निर्देश देने के बावजूद नस्तियां पेश नहीं की गईं। जारी निलंबन आदेश में शाखा प्रभारी पर यह आरोप भी है कि वे बिना सूचना के अनुपस्थित रहते हैं। कार्यप्रणाली में सुधार कर लिए उन्हें पूर्व में 7 बार शोकॉज नोटिस भी दिए जा चुके हैं, जिनके जवाब समयावधि में उन्होंने प्रस्तुत नहीं किए। यही कारण है कि पदीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता पाते हुए सीएमएचओ डॉ. तिवारी ने शाखा प्रभारी को मप्र सिविल सेवा नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आठनेर रहेगा।