सात लाख की रिश्वत लेते हुए उपयंत्री मनोर रिछारिया को लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने किया गिरफ्तार

9:54 pm or November 2, 2022

दीपक शर्मा

पन्ना २ नवंबर ;अभी तक; लोक निर्माण विभाग पन्ना मे पदस्थ उपयंत्री मनोज रिछारिया को कार्यपालन यंत्री कार्यालय मे सात लाख की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त सागर की टीम द्वारा रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया है। रिश्वत के रूप मे छह लाख रूपये के चेक तथा एक लाख रूपये नगद बरामद हुआ है।

संबंधित मामले मे ठेकेदार तथा कांग्रेस नेता भरत मिलन पान्डेय द्वारा लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर को आवेदन दिया गया था कि, हमारे द्वारा सडक निर्माण कार्य किया गया था जिसमे लगभग ढेड करोड का कार्य पूर्ण किया था जिसमे एक करोड का भुगतान विभाग द्वारा कर दिया गया था लेकिन लगभग चालीस लाख की राशि रोक दी गई थी और उसकी एवज मे रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिससे परेशान हो कर मेरे द्वारा काम भी बंद कर दिया गया था। भुगतान कराने के लिए लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिसमे मेरे द्वारा दो लाख रूपये पूर्व मे भी दे दिया गया था तथा सात लाख रूपये देने के लिए कहा गया था। इसी के अनुसार लोकायुक्त की टीम द्वारा कार्यालय पहुचकर संबंधित उपयंत्री मनोज रिछारिया को रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया।

ठेकेदार भरत मिलन पान्डेय द्वारा अमानगंज उपसंभाग अन्तर्गत तुन्ना से महंगवा ग्राम के लिए ग्यारह किलोमीटर की सडक लगभग 11 करोड की लागत से बनाई जा रही थी। जिसमे अभी मिट्टी वर्क तथा पुलियो का निर्माण किया गया था और उसी सडक के भुगतान मे उपयंत्री द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था। उक्त कार्यवाही से लोक निर्माण विभाग मे हडंकप मच गया। ठेकेदार भरत मिलन पान्डेय ने यह भी बताया कि हमें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होने स्थानीय मंत्री तथा कलेक्टर को भी परेशान करने के लिए उल्लेखित किया हैं। लोकायुक्त की टीम मे डीएसपी राजेश खेडे तथा उनकी टीम शामिल रही।