साध्वी डाॅ अमृतरसाश्रीजी की निश्रा नगर ही नहीं मालवांचल में प्रथम बार हुई एक सौं पैंतीस अठ्ठाई तपस्याओं की पूर्णाहूति आज

6:47 pm or September 9, 2021
साध्वी डाॅ अमृतरसाश्रीजी की निश्रा नगर ही नहीं मालवांचल में प्रथम बार हुई एक सौं पैंतीस अठ्ठाई तपस्याओं की पूर्णाहूति आज

महावीर अग्रवाल

मंदसौर ९ सितम्बर ;अभी तक;  नगर के जैन समाज में त्रिस्तुतिक जैन समाज जनकुपूरा के तत्वावधान में साध्वीश्री डाॅ. अमृतरसाश्रीजी मसा,  साध्वीश्री निरागरसाश्रीजी मसा और साध्वीश्री जिनांशरसा श्रीजी मसा की पावन निश्रा में तप तपस्याओं का इतिहास रचने की ओर अग्रसर हो रहा है। पर्यूषण पर्व के पावन अवसर पर 135 अठ्ठाईयों (आठ उपवास) का महायज्ञ तीन सितंबर से प्रारंभ हुआ जो अब पूर्णाहूति की ओर अग्रसर है। तप महायज्ञ की पूर्णाहूति आज संवत्सरी पर्व पर सानंद संपन्न होने जा रही है।

नगर ही नही अपितु मालवांचल में पहली बार 135 अठ्ठाईयों का तप (आठ दिनों तक सिर्फ गर्म पानी पीना) का साक्षी बना जीवागंज स्थित राजेन्द्र विलास का पुण्यसम्राट आचार्य देवेश श्री जयंतसेन सूरिश्वसर जी मसा तपस्या परिसर अठ्ठाईयों की इन तपस्याओं में एक – एक परिवार की तीन पीढियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कर धर्म प्रभावना की है। 10 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक के श्रावक श्राविकाओं ने मात्र गर्म जल ग्रहण कर अपनी तप आराधना को बिना डीगे, बिना विचलित हुए प्रतिदिन अपनी धार्मिक क्रियाओं को करते हुए आज पूर्णता प्रदान करने जा रहे है जो निश्ंिचत ही अनुमोदनीय है।

तीर्थ धाम श्री अजीतनाथ जैन मंदिर के उपाश्रय में वर्षावास कर रही प्रखर साध्वी डाॅ. अमृतरसाश्रीजी मसा आदि ठाणा 3 ने इस ऐतिहासिक तपस्याओं को सानंद संपन्न हो इस हेतु घंटों धार्मिक अनुष्ठान किये है। जिसका सुखद परिणाम आज समाज के सम्मुख है। इसके पूर्व साध्वीजी की प्रेरणा से तीन मासक्षमण महामृत्युंजय तप (एक माह तक सिर्फ गर्म जल पीना) श्रीमती निर्मलाबेन लोढा, श्रीमती शंकुतलाबेन सगरावत और श्रीमती प्रियंका बेन सालेचा ने कर नगर को तप तपस्याओं से गौरवान्वित किया है। जबकि पूरे वर्षावास काल में प्रतिदिन तेले एवं आलंबिल की तपस्या पृथक – पृथक श्रावक श्राविकाओं द्वारा किये जा रहे है।

मालवांचल में एक मंडप के नीचे पहली बार हुई इतनी तप आराधना

मालवांचल के इतिहास में जैन समाज में  प्रथम बार एक तपस्या मंडप के नीचे एक सौ पैंतीस श्रावक श्राविकाओं ने आठ दिन तक उपवास कर अठाई तप को पूर्ण किया जो गर्व की बात है।

बडी संख्या में हुई तप आराधना को लेकर त्रिस्तुतिक जैन समाज जनकुपूरा द्वारा 8 सितम्बर 2021 बुधवार को चैबीसी का धार्मिक आयोजन किया था जिसमें बड़ी संख्या में जैन अजैन बंधुओं ने भाग लेकर तपस्या कि खूब – खूब अनुमोदना की। इन तपस्याओं के कारण दशपुर की पावन धरा जिसके कण – कण में हर धर्म का समावेश है वो धन्य हो उठी है।