सामप्रदायिक आग से झुलस रहे ग्राम हापला दीपला में पिछले 6 माह में  4 की हत्या

मयंक शर्मा

खंडवा १७ नवंबर ;अभी तक; ग्राम हापला दीपला साम्प्रदायिक आग से झुलस रहा है। करीब 2 हजार की आबादी वाले हापला-दीपला में ं सभी  भाईचारे से रहते आए हैं। गत मई माह में सोशल मीडिया पर टिप्पणियों के कारण कुछ लोगों ने गांव की शांत फिजा में सांप्रदायिक का जहर घोल दिया है। हालात है कि यहां बच्चे भी एक-दूसरे से बात नहीं करते। सलीम मंसूरी और पूर्व सरपंच सुरेश वानखेड़े की दोस्ती की लोग मिसाल देते हैं, लेकिन अब ये दोनों भी  चोरी-छुपे मिलते हैं। अमन के दुश्मनों ने सुरेश को भी चेतावनी दी है कि वे सलीम से किसी तरह का व्यवहार नहीं करेगा। नहीं तो उसका भी हुक्का पानी बंद हो जाएगा।

इसी साल 18 मई को राकेश फूलमाली, 20 जुलाई को खंडवा में ट्रक ड्राइवर अब्दुल हफीज, 10 अगस्त को खंडवा में ही धनराज कनाड़े की हत्या के बाद चैथी हत्या शरीफ की हुई है। लगातार हो रही हत्या से हापला-दीपला के दोनों ही  पक्षों के लोग ज्यादातर दहशत में है। इस बीच ग्रामीणों ने एक गुट के लोगो का समाजिक बहिष्कार कर दिया है। गांव में किराना वाले ने सामान देना बंद कर दिया। नाई ने दाढ़ी कटिंग बनाने से मना कर दिया। आटा चक्की से लेकर नल कनेक्शन तक काट दिए गए। खेतों में लगी पानी की मोटरों को पत्थरों के साथ फेंक दिया। फसलों पर मवेशियों को चरवा दिया गया।

सीएसपी ललित गठरे ने बताया कि रामनगर पुलिस चैकी में ग्राम के पांच-छह प्रकरण दर्ज हुए। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब तक आरोपी पुलिस पकड से दूर है।ग्रामीणों के अनुसार बढते तनाव के साथ मामला बढ़ता गया और बात हत्या तक पहुंच गई है। गांव के भील मोहल्ला में अपने परिजन के साथ बैठे 65 वर्षीय मनोहर गट्टे कहते हैं पहले साल में एक-दो बार गांव में पुलिस दिखाई देती थी। अब तक 15-20 पुलिस वाले आये दिन आ धमकते  हैं। जैसे चोर-उच्चकों का गांव हो। उन्होने कहा कि मिल बैठकर बात करना चाहिए, लेकिन कोई भी पहल करने को तैयार नही हैं। पुलिस-प्रशासन को चाहिए कि वे गांव में एक समिति का गठन कर शांति व्यवस्था कायम करें। नहीं तो ये सिलसिला रुकना मुश्किल हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि गा्रम  हापला-दिपला में दीपावली की पूर्व रात्रि  धारदार हथियार से किसान यारीफ  की हत्या के मामले में 3 दिन बीतने के बाद भी हत्यारों का सुराग नहीं लगा है। जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर के ग्राम हापला दीपला में रविवार को अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिये मुस्मैद हो गयी है।

कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने बताया कि किसान शरीफ पिता मंगू खेत में पानी देने गयाा था।शनिवार रात  में खेत पर सिंचाई करने गए किसान का  रविवार तडके ख्ेात किनारे उसका शव ही मिला है। श्री मंडलोई ने बताया कि तपतीश दौरान 4 लोग उठाये गये है। ये सभी ग्राम के ही बाशिन्दे हे। सोमवार से पूछताछ की जा रही है।

इस ग्राम में  इसके पूर्व भी एक आरएसएस. कार्यकर्ता की  दिनदहाड़े   हत्या कर दी गई थी  ।इसी घटना की पृष्टभूमि में  खंडवा में एक ट्क डायवर की हत्या की गयी।सोशल मीडिया पर टिप्पणी के बाद हापला से शुरू हुआ हत्या का सिलसिला, में अब तक राजेश, हफीज, धनराज व अब शरीफ की हत्या हो गयी है। थाना प्रभारी श्री मंडलोई ने बताया कि पूर्व के इन मामलो  सुलझाते हुये आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों में पहुंचा दिया है।सोशल मीडिया पर टिप्पणी के बाद हापला से शुरू हुआ हत्या का सिलसिला, में अब तक राजेश, हफीज, धनराज व अब शरीफ की हत्या की गयी है।

अब ताजे मामले में  घटना के बाद  आम जनों में आक्रोश है।  मृतक के परिजनों  ने  हत्या करने का आरोप लगाया है।श्री मंडलोई ने बताया कि  कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है ।थाना प्रभारी ने कहा कि क  जल्द ही आरोपी गिरफ्तार होंगे । पुलिस ने कुछ लोगों से पूछताछ शुरू की है। शव के पास से एक गमछा मिला है ।मृतक के चेहरे पर एक गमछा मिला है और चेहरे पर घाव के निशान है।

49 वर्षीय ृमृतक शरीफ पुत्र मंगू मंसूरी की हत्या  को लेकर परिजनो में हाहाकर है। शरीफ खेत में पानी देकर नही लौट तो तलाश में उसका शव ही मिला। शव ग्राम खिड़गांव रोड स्थित खेत के किनारे पर पड़ा मिला। शरीफ के पुत्र आसिफ मंसूरी ने बताया कि ग्रामीणों से उन्हें पिता का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मृतक के बेटे आसिफ  ने कहा कि  पापा ने कभी किसी से झगड़ा नहीं किया। दो दिन पहले पवन राजपूत ने मुझे रोककर धमकी दी थी। मेरे चाचा मेहबूब से कहा था गांव में रहना है कि नहीं, हमने उसकी धमकी को हल्के में लिया। पुलिस चैकी पर जाते तो वहां मारपीट हुई या नहीं ये बताना पड़ता है। इसलिए उसकी धमकी को हम भूल गए।

पापा  के  चेहरा, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर किसी ने धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी थी।  आरोपियों ने हथियार से वार कर उसके सिर को जमीन पर पटका। रविवार दोपहर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। रात 8 बजे हापला स्थित कब्रिस्तान में उसका शव दफनाया गया। कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।समाजजन ने आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने गांव में रहने वाले पांच युवकों के नाम भी बताए।सोमवार को कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई, ने बताया कि शव से कुछ दूरी पर उसकी बाइक मिली है।

0 आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या।

इसी ग्राम में इससे पहले 18 मई को दो पक्षों में सांप्रदायिक विवाद में  राकेश फूलमाली की हत्य कर दी गयी थी। इसके बाद से गांव में हत्या सिलसिला रुक नहीं रहा। सीएसपी ललित गठरे, टीआई बीएल मंडलोई व पुलिस टीम सोमवार दोपहर भी गांव पहुंची। गांव में पुलिसबल बढ़ा दिया गया है। कोतवाली क्षेत्र का हापला दीपला गांव लड़ाकू गांवों की सूची में है।

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