सायरन बजने से भाग गए थे चोर वरना उड़ा लेते 17 लाख रुपए

2:37 pm or August 6, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल ६ अगस्त ;अभी तक;  जिले के मुलताई में गत 19 जुलाई की दरम्यिानी रात में चोरों ने राय आमला में स्थित सहकारी बैंक में धावा बोल दिया था। चोरों ने ताले सहित शटर तोड़कर बैंके अंदर प्रवेश किया और करीब 20 हजार रुपए का सामान चोरी कर लिया। वह तो गनीमत रही कि इसी दौरान बैंक का अचानक सायरन बज गया जिससे तिजोरी में रखे 17 लाख रुपए चोरी होने से बच गए वहीं बड़ी आर्थिक क्षति बैंक को हो जाती। बैंक मैनेजर की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह खुलासा एसडीओपी मुलताई नम्रता सौधिया ने किया है।

चार आरोपी अभी भी हैं फरार

एसडीओपी नम्रता सोंधिया और टीआई सुनील लाटा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि बैंक में हुई चोरी के बाद पुलिस ने ग्राम रायआमला में मिले सीसीटीवी फुटेज और खम्बारा टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में तीन अज्ञात चोर बोलेरो पिकअप से ग्राम रायआमला आए थे। चोरों ने रात 12 से बैंक भवन की शटर में लगे चार ताले गैस कटर से काटे। इसके बाद दो अन्य ताले कांटे। जिसमें चोरों को लगभग 3.30 घंटे का समय लग गया।

सायरन बजने से बचे 17 लाख

इसके बाद जिस रूम में तिजोरी रखी थी, उसके दरवाजे के ताले को काटने की कोशिश की। इसी बीच सायरन बज गया। इस पर चोर अलसुबह 3.30 बजे बैंक से भाग गए। अलार्म बजने से तिजोरी में रखे 17 लाख रुपए चोरी होने से बच गए। एसडीओपी सुश्री सोंधिया ने बताया कि बोलेरो पिकअप के रजिस्ट्रेशन और फास्ट्रैक के आधार पर पुलिस ने बोलेरो पिकअप स्वामी की पतासाजी की। बोलेरो वाहन जबलपुर आरटीओ में पंजीकृत था।

आरोपी गिरफ्तार, जुर्म किया कबूल

पिकअप स्वामी ने अपना वाहन अमरावती के एक युवक को बेचना बताया। जिसके आधार पर पुलिस ने अमरावती महाराष्ट्र के युवक तक पहुंची। पुलिस ने गोपाल नगर अमरावती (महाराष्ट्र) निवासी शशिकांत पिता रामदास सिड़ामे को उसके घर से दबोचा। शशिकांत ने पुलिस को बताया कि उसके साथ विश्वास सिगर और सागर टांके बैंक में चोरी करने आए थे। शशिकांत ने बताया विश्वास सागर के अलावा उसके 2 साथी अमित निंबोरकर और सुरेश उमड़ ने साथ में मिलकर कई बैंकों में चोरी की है।

चार आरोपी अभी चल रहे फरार

इस मामले में विश्वास सागर अमित और सुरेश फरार है। जिस बोलेरो पिकअप से चोरी करने ग्राम राय आमला आए थे वह पिकअप वाहन विश्वास और सागर लेकर फरार हुए हैं। एसडीओपी सुश्री सोंधिया ने बताया कि आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद कई बड़ी बैंक राबरी का खुलासा होने की संभावना है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सिमाला प्रसाद ने टीम भी गठित की है।

रेकी करने के बाद की थी चोरी

पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी शशिकांत ने पुलिस को बताया उन्होंने 16 और 17 जुलाई को ग्राम रायआमला आकर बैंक की रेकी की थी। जानकारी के अनुसार मास्टरमाइंड चोर विश्वास घटना को अंजाम देने के बाद अपना मोबाइल और सिम फेंक देता है। प्लास्टिक सर्जरी करवा कर अपना चेहरा बदल देता है। बहरहाल तिजोरी में रखे रुपए बज जाने से बैंक प्रबंधन और पुलिस ने राहत की सांस ली थी।