सारा ऐप पर उपलब्ध सार्थक माड्यूल का बहिष्कार करेंगे पटवारी, सौंपा ज्ञापन

3:04 pm or April 6, 2021
सारा ऐप पर उपलब्ध सार्थक माड्यूल का बहिष्कार करेंगे पटवारी, सौंपा ज्ञापन।
श्याम त्रिवेदी।
 झाबुआ 6 अप्रैल ;अभी तक;  प्रदेश भर के पटवारी सारा एप पर उपलब्ध सार्थक माड्यूल का बहिष्कार करेंगे। इसकी वजह आयुक्त भू अभिलेख द्वारा दिया गया वह आदेश है जिसमें सोमवार और गुरुवार को पटवारियों की ग्राम पंचायत मुख्यालय पर उपस्थिति सारा एप पर सार्थक माड्यूल के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए है।
मंगलवार को मप्र पटवारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष अखिलेश मूलेवा तहसील अध्‍यक्ष नानूराम मेरावत के नेतृत्व में आयुक्त के नाम अपर कलेक्‍टर एम एल मालवीय एवं झाबुआ तहसीलदार प्रवीण ओहरिया को ज्ञापन सौंपा। प्रयोग के तौर पर प्रदेश की दो तहसील बैरसिया और बदनावर से इसकी शुरुआत की गई है। जिससे कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतें आ रही है।इसलिए सारा एप से सार्थक माड्यूल को तत्काल हटाया जाए। साथ ही पटवारियों की ऑनलाइन उपस्थित दर्ज कराने के आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो प्रदेश के समस्त पटवारी सारा एप के विरोध में आंदोलन करेंगे।
श्री मुलेवा ने बताया कि एप से कार्य करने में ये आ रही व्यावहारिक दिक्कतें अधिकांश पटवारियों की पदस्थापना ऐसे स्थानों पर है जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होता या इंटरनेट कनेक्टिविटी नगण्य है। ऐसे में पटवारी पीएम किसानए सीएम किसानए अभिलेख अध्यतन तथा अन्य ऑनलाइन कार्य इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं होने की वजह से जिला व तहसील मुख्यालय आकर कार्य करते हैं। चूंकि उक्त कार्य के निरीक्षण के लिए तहसीलदारए नायब तहसीलदार व राजस्व निरीक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया हैए इसलिए सार्थक ऐप से उपस्थिति का औचित्य प्रतीत नहीं होता।  प्रदेश के पटवारियों द्वारा अधिकांश विभागीय कार्य अपने निजी संसाधनों का उपयोग करते हुए जहां भी इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध होती है वहां से करने का भरसक प्रयास करते हैं। फिर भी पटवारियों को सार्थक ऐप से उपस्थिति लगाने के लिए आदेशित करना समझ से परे हैं। जो अनावश्यक रूप से पटवारियों को प्रताड़ित करने के समान है।
पटवारी को लगभग सभी प्रकरणों का मौके पर जाकर धन तैयार करना होता है। चलावे लगभग 52 विभागों के कार्य बिना शासकीय अवकाश के किसी भी दिन और किसी भी समय पर उनके द्वारा किए जाते हैं। ऐसी स्थिति में मौका जांच को बीच में छोड़कर सारा ऐप पर सार्थक माड्यूल पर उपस्थिति बिना संभव नहीं है।  करीब 3 वर्ष पहले शासन ने प्रदेश भर के पटवारियों को मोबाइल के लिए ₹7300 प्रदान किए थे। सभी पटवारियों ने मोबाइल खरीदे लेकिन यह शासन द्वारा लिए जा रहे कार्य के लिए पर्याप्त नहीं है। अधिकांश मोबाइल की वारंटी समाप्त हो चुकी है या फिर या खराब हो चुके हैं। बाद में जिन पटवारियों की नियुक्ति हुई उन्हें अब तक मोबाइल खरीदी के लिए राशि प्रदान नहीं की गई है। सनोसारा ऐप के जरिए अपनी उपस्थिति कैसे दर्ज करा पाएंगे। पटवारियों की मेहनत का परिणाम ही है कि मध्य प्रदेश राजस्व  सम्बन्धी सेवाओं में देश भर में प्रथम आया। जिसके परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया। इन सब अच्छे कार्यों के बावजूद भी इस प्रकार का आदेश लागू करना पटवारियों की अन्य मांगों से ध्यान भटकाने का प्रयास प्रतीत होता है। इसी प्रकार विरोध स्‍वरूप जिले के अन्‍य तहसीलों में भी ज्ञापन सौंपे गये है। इस अवसर पर तहसील अध्‍यक्ष सर्वश्री नानूराम मेरावत, गोविन्द हाड़ा, अभय व्यास, जालम अमलियर,  ऋषि जायसवाल , चन्दनसिंह नायक महावीर दोहरे सहित बड़ी संख्या में पटवारीगण उपस्तिथत थे।

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