साहित्यकार-लेखक-विचारक संजीव ठाकुर पहुंचे मंडला प्रवास पर

11:24 pm or December 29, 2021

मंडला संवाददाता

मंडला २९ दिसंबर ;अभी तक;  जिला मुख्यालय में प्रवास पर पहुंचे अंतर्राष्ट्रीय लेखक-ङ्क्षचतक संजीव ठाकुर अब एक और उपन्यास लिख रहे हैं जो आज के सामाजिक विकृति लिव इन पर आधारित है। साहित्यकार संजीव ने लिव इन रिलेशनशिप के दंश को झेलते एक युवक की मनोस्थिति को दर्शाया है। इसके अलावा उन्होंने अपनी पुस्तक अगली कई सांझ नहीं आया वह, पर बातचीत की और बताया कि इस उपन्यास में हर विषय को कविता और कहानी में संकलित किया गया है जो साहित्य जगत में संभवत: अपनी तरह का पहला प्रयास है।

साहित्यकार संजीव की 800 से अधिक कविताएं, 300 गजलें, 400 आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। वे 15 देशों की साहित्यिक यात्रा कर चुके हैं, जहां उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा गया। लेखक-चिंतक संजीव कुमार का कहना है कि उन्हें विदेश नीति पर लिखना सबसे अधिक पसंद है। वे इजरायल-फिलीस्तीन, भारत-पाकिस्तान, अमेरिका, अफगानिस्तान, रूस आदि से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर लिख चुके हैं। अमूमन प्रतिदिन देश के लगभग 100 अखबारों में उनके आलेख-कविताएं आदि प्रकाशित होती हैं।