साहूकार किसान फांसी पर झूला: उधारी वापस नहीं मिलने ओर तीन साल से फसल बर्बादी को लेकर  था परेशान

मयंक शर्मा

खंडवा २४ सितम्बर ;अभी तक; प्राय कर्ज से परेशान किसान द्वारा खुदकुशी कर लेने की घटनायें अक्सर सामने आती है लेकिन बुधवार को ग्राम बमनगांव में एक ऐसे किसान क शव पेड से लटका मिला है जिसने साहूकार बतौर दो लोगो का रूपये उधार दिये अेर बार बार मांग के बावजूद  रकम न मिलने े परेशान किसान सजन पिता भीमसिंह राजपूत (42) निवासी ग्राम  बमनगांव ने खुदकुशी कर ली।

जावर थाना प्रभारी हीना डाबर  ने बताया कि बुधवार सुबह शव मंदिर के पास पेड से लटका होने की सूचना मिली। उन्होने बताया कि मृतक की शिनाख्त ग्राम के ही  सजन पिता भीमसिंह राजपूत (42) के रूप में की गयी। उसने एक दिन पहले पुलिस से शिकायत भी की थी। सजन  राजपूत का आरोप था कि उसने  दो लोगों को रुपए उधार दिए थे। राकेश पिता रूपसिंह निवासी बमनगांव को एक लाख व शक्ति यादव निवासी जावर को 1.50 हजार रुपए दिए थे। दोनों ही लोग  रुपए वापस नहीं कर रहे थे। कई बार मांगने के बाद भी विवाद की स्थिति होने पर सजन सिंह ने जावर थाने में दोनों के खिलाफ आवेदन देकर रुपए दिलाने की मांग की थी।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह के पुनासा दौरे का लेकर व्यवस्तता के चलते शिकायत की छानबीन अधर में रही  और सीएम पुनासा प्रवास दिवस बुधवार को पेड से लटकी शिकायत कर्ता का शव पेड से लटका पुलिस ने जब्त किया।थाना प्रभारी ने कहा कि ्रारभिक पडताल मे  यह बात  सामने आई है कि मृतक सजनसिंह पर 5 लाख रुपए का कर्ज था। इसके अलावा कुछ और भी लोग है जिनसे मृतक को रुपए लेना बाकी था।

उधर ग्रामीणों के अनुसार ं सजन सिंह मूलंत किसान था। कर्ज लेने वाले राकेश ईट का कारोबारी है। उसने ईंटें बेचकर रुपए लौटाने की बात कही थी लेकिन अब रुपए मांगने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी देता है। इसी तरह शक्ति को भी खाद-बीज दवाई की दुकान में जरूरत पड़ने पर 1.50 लाख रुपए दिए थे। उसने भी रुपए देने से साफ इंकार कर दिया।

एक और दिया गया रूपया वापस नही मिल रहा था वहीं तीन साल से फसल भी बर्बादी ही परोस रही थी । इस कारण माली हालत बिगडने से परेशान किसान ने मौत को गले लगाा लिया। मृतक ने भी इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर मुझे मेरे रुपए वापस दिलाने की मांग की थी।

थाना प्रभारी  हिना डावर ने बताया कि  सजन सिंह के शिकायत आवेदन पर जांच शुरू की थी। दोनों पक्षों को थाने बुलाकर मामले का निराकरण के लिए बीट प्रभारी को निर्देश दिए थे, लेकिन सजनसिंह ने एक दिन पहले  आवेदन दिया और अगले दिन यह कदम उठा लिया। उन्होने बताया कि  मर्ग कायत कर  जांच की जा रही है।

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