सिंगरौली की शिक्षिका का स्कूटी पर चलता फिरता लाइब्रेरी कार्य की पीएम ने की प्रशंसा, किताबो वाली दीदी के नाम से किया संबोधन

7:35 pm or October 25, 2020
किताबो वाली दीदी के नाम से किया संबोधन
 एस पी वर्मा *
सिंगरौली २५ अक्टूबर ;अभी तक;  देश के प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम *मन की बात*  में सिंगरौली जिले की  *शिक्षिका उषा दुबे* के अनोखे सोच व स्कूटी पर  चलता फिरता लाइब्रेरी संचालित कर *कोरोना काल* मे बच्चों के बीच पहुंच *शिक्षा देने के  अभिनव प्रयास की जमकर तारीफ की। शिक्षिका श्रीमती दुबे के इस उपलब्धि से ना केवल  सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का मान बढ़ा है बल्कि पूरा सिंगरौली जिला भी गौरवान्वित महसूस कर  रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिक्षिका की तारीफ करने की बात वाट्सअप, यू ट्यूब , फेसबुक आदि पर वायरल होते ही शिक्षिका श्रीमती दुबे को फोन, मैसेज व घर पहुंच कर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
                       देश के  पीएम का सबसे चर्चित कार्यक्रम *मन की बात* में  प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सिंगरौली जिले में *किताबों वाली दीदी*  के नाम से मशहूर *शिक्षिका ऊषा दुबे* का न केवल उल्लेख किया अपितु उनके प्रयास की सराहना भी की। मन की बात कार्यक्रम के दौरान मोदी ने *मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिला मुख्यालय स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका  ऊषा दुबे पत्नी विनोद दुबे* का जिक्र करते हुए कहा कि संकट काल के दौरान श्रीमती दुबे अपनी स्कूटी में किताबों की एक पूरी लाइब्रेरी लेकर बच्चों के पास पहुंच रही हैं और उन्हें ज्ञान परोस रही हैं, उन्होंने कहा कि बचपन में हम सभी ने दादी नानी से किस्से तो खूब सुने होंगे, जिनको सुनकर हम सभी चैन की नीद सो जाया करते थे, लेकिन *एमपी के सिंगरौली* में कोरोना संकट के बीच दादी नानी वाले किस्सों की *चलता फिरता  पूरी लाइब्रेरी स्कूटी* में सवार होकर बच्चोंं के पास पहुंच रही है जिससे बच्चे यहाँ खेल -खेल में पढ़ाई कर रहे हैं। ये सब कर रही हैं *किताबों वाली दीदी* ।
               शिक्षिका की तारीफ में  प्रधानमंत्री श्री मोदी  ने आगे कहा कि  *लॉकडाउन* में गरीब बच्चों की पढ़ाई रुकी तो *सिंगरौली जिले के शासकीय माध्यमिक विद्यालय हर्रई पूर्व में पदस्थ  शिक्षिका ऊषा दुबे* ने खुद की स्कूटी को *चलता फिरता पुस्तकालय* बना लिया और सुबह आठ बजे से चार घंटे तक बच्चों के बीच रहना और उनको पढ़ाना अपना दिनचर्या  बना लिया।  शिक्षिका श्रीमती दुबे के इस अभिनव पहल से  बच्चे भी किताबों वाली दीदी का सुबह से ही राह देखते हैं। स्कूटी की आवाज सुनते ही वे अपने घरों से निकल पड़ते हैं।
            गौरतलब हो कि शिक्षिका श्रीमती दुबे अपने स्कूटी में ज्ञान-विज्ञान से लेकर जरूरी विषयों की लगभग 100 किताबें रखती हैं।सिंगरौली जिले की शासकीय माध्यमिक पाठशाला हर्रई पूर्व में पदस्थ शिक्षिका बच्चों को कहानियां पढ़ने और वाचन क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले दो महीने से मोहल्ले-मोहल्ले पहुंच रही हैं। हर मोहल्ले में करीब 15-20 बच्चे अलग-अलग आकर कहानियां पढ़ते हैं। बच्चे अब अंग्रेजी भाषा बोलना भी सीख रहे हैं। लॉकडाउन के बाद बच्चों की पढ़ाई एकदम रुक सी गई थी लेकिन  चलते-फिरते इस पुस्तकालय ने  बच्चों में पठन पाठन के प्रति उत्साह बढ़ाने का काम किया है।

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