सिंध नदी अस्तित्व बचाने के लिए रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लहार विधायक गोविंद सिंह ने गृहमंत्री को लिखा पत्र

 भिंड से डॉक्टर रवि शर्मा
भिंड ५ जून ;अभी तक; लहार  विधायक डॉक्टर गोविंद सिंह ने गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा से सिंध नदी का अस्तित्व बचाने की गुहार लगाते हुए भविष्य में होने वाले पेयजल संकट के खतरे से आगाह किया है । उन्होंने पत्र में लिखा है किसने नदी भिंड की नहीं बल्कि दतिया जिले की जीवनदायिनी है ।
                   पत्र में कहा कि कई प्रयासों के बाद भी वैसे नदी को नहीं बचा पा रहे हैं । उन्होंने कहा कि आप सत्ता के शिखर पर हैं आपके प्रयास से सिंध नदी मृत होने से बचाई जा सकती है । उन्होंने बताया कि डेढ़ दशक पूर्व जिंदगी धार नर्मदा नदी के भेड़ाघाट की की तरह तेज थी धार जो शासन की नीतियों खनिज माफियाओं तथा राजस्व विभाग की सांठगांठ के चलते हो रहे लगातार रेत अवैध खनन के चलते अब टूट चुकी है और  25 से 30 किलोमीटर के दायरे में कर दिए हैं गड्ढे ।
              पत्र के माध्यम से डॉक्टर गोविंद सिंह ने बताया की भिंड से लेकर दतिया जिले की सीमा तक 25 से 30 किलोमीटर के दायरे में सैकड़ों की संख्या में रेत निकालने के लिए दिन रात चल रही पनडुब्बियों ने गहरे गड्ढे कर दिए हैं जिससे जलस्तर 30 से 40 फीट नीचे चला गया है करण का यह सिलसिला अगले 1 वर्ष तक यदि यूं ही चलता रहा तो सिंध नदी का जीवित रहना मुश्किल हुआ उन्होंने बताया समूचे प्रदेश में पुलिस वन खनिज एवं राजस्व अधिकारियों को गोलियों का निशाना बनाया जा रहा है 3 दिन पूर्व तन घर पूरा ग्राम में अवैध रेत उतरन रोकने पर दो पुलिस पुलिस कर्मियो को गोलियां चलाकर घायल कर दिया गया इसी प्रकार की घटनाएं लगातार भिंड दतिया जिलों में प्रतिमा हो रही हैं उन्होंने बताया की करोड़ों रुपए लागत से दतिया में भिंड जिले के लगभग 10 नगरों में नल जल योजनाएं निर्माणाधीन है रेत खनन पर रोक नहीं लगाई तो नगर वासियों पर पेयजल संक हो जाएगा डॉ सिंह ने गृहमंत्री को लिखा वि नरम अनुरोध है कि जनप्रतिनिधि सरकार के अंग होने के नाते सिंध नदी को बचाओ