सिर्फ 25 प्रतिषत पात्र लोगों के पास आयुष्मान कार्ड, हाईकोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब

 सिद्धार्थ पांडेय
  जबलपुर ५ नवंबर ;अभी तक; आयुष्मान योजना के तहत प्रदेष में सिर्फ 25 प्रतिषत लोगों के पास कार्ड है। सरकार पात्र लोगों के कार्ड बनाने में रूचि नहीं दिखा रही है। हाईकोर्ट के कार्यवाहर चीफ जस्टिस संजय यादव तथा जस्टिस विजय कुमार षुक्ला की युगलपीठ ने कोर्ट मित्र अधिवक्ता द्वारा पेष की गयी जानकारी को गंभीरता से लेते हुए सरकार से जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान सरकार द्वारा युगलपीठ को यह भी बताया गया कि पूरे में पारित आदेष का परिपालन करने हुए कोरोना उपचार की रेट लिस्ट प्रदेष के सभी अस्पतालों में चस्पा कर दी गयी है। परिपालन रिपोर्ट के रिकाॅर्ड पर नहीं आने के कारण युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 16 दिसम्बर को निर्धारित की है।
                गौरतलब है कि प्रदेश के शाजापुर जिले स्थित एक निजी अस्पताल के प्रबंधन के बिल की राशि का भुगतान नहीं होने पर वृद्ध मरीज को बेड से बांधकर रखा हुआ था। इस संबंध में अखबारों में फोटो सहित समाचार प्रकाशित हुए थे। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्टार जनरल ने 11 जून को मप्र हाईकोर्ट को पत्र लिखा था। जिसमें सर्वोच्च न्यायालय को भेजे गये पत्र में उक्त घअना को मानव अधिकारों का उल्लंघन बताया गया था। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भेजे गय पत्र की सुनवाई करते हुए युगलपीठ मामलें में कोर्ट मित्र की नियुक्ति करते हुए आर्थिक रूप से असक्षम लोगों के लिए प्राईवेट हॉस्पिटल में निशुल्क मेडिकल सुविधा तथा उपचार के लिए गाइड लाईन निर्धारित करने केन्द्र व राज्य सरकार से सुझाव मांगे थे।
                    सुनवाई के दौरान कोर्ट मित्र ने युगलपीठ को बताया था कि कोरोना मरीजों से अस्पताल अनाव-षनाव राषि बसूल रहा है। इंदौर जिला प्रषासन ने कोरोना मरीजी से उपचार के लिए निजी अस्पताल पूर्व निर्धारित दर से 40 प्रतिषत अतिरिक्त बेड चार्ज नही लेने के निर्देष जारी किये है। इसके अलावा पीपीटी किट,आक्सीजन सहित अन्य चीजों की दर प्रषासन द्वारा निर्धारित की गयी। डाॅक्टर की फीस तथा दवाई के दाम अलग से देना होगे। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीइ ने प्रदेष सरकार को निर्देषित किया था कि कोरोना मरीजों के उपचार संबंधित रेट लिस्ट अस्पतालों में चस्पा की जाये। निर्धारित से अधिक राषि लेने पर जिला प्रषाासन तथा हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर पीडित पक्ष षिकायत कर सकता है।
                  याचिका पर गुरूवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ बताया गया कि कोरोना उपचार की रेट लिस्ट अस्पतालों में चस्पा कर दी गयी है। परिपालन रिपोर्ट न्यायालय में पेष कर दी गयी है परंतु वह रिकाॅर्ड में नही आई है। कोर्ट मित्र अधिवक्ता नमन नागरथ ने असक्षम लोगों के निषुल्क उपचार के संबंध में सुझाव देते युगलपीठ को बताया कि प्रदेष में दो करोड लोग आयुष्मान योजना के तहत पात्र है। वर्तमान में सिर्फ 25 प्रतिषत लोगों के पास आयुष्मान योजना का कार्ड है। आयुष्मान योजना का कार्ड होने से असक्षम व्यक्ति पांच लाख रूपये तक का उपचार योजना के तहत निर्धारित अस्पताल में करवा सकता है। इसके अलावा योजना में अधिक से अधिक निजी अस्पतालों को षमिल किया जाये। युगलपीठ ने इस संबंध में सरकार से जवाब मांगा है।

 


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