सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निपटारे की आड़ में अवैध वसूली किये जाने की शिकायत

6:20 pm or September 20, 2022

सुधीर ताम्रकार

बालाघाट 20 सितम्बर ;अभी तक;  बालाघाट जिले की नगर पालिका परिषद वारासिवनी में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निपटारा परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों के मर्जी माफिक किया जायेगा।

                 इन प्रकरणों की जांच की आड़ में कर्मचारी,अधिकारियों द्वारा संबंधित व्यक्तियों से मिलकर उसकी मनमाफिक जांच के निश्कर्श हेल्प लाइन के प्रकरणों में निपटारा कर भिजवा दिये जाते है इसकी आड़ में अवैध वसूली किये जाने की शिकायत मिली है।

                 कल 19 सितंबर 2022 को सम्पन्न हुई समयसीमा की बैठक में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा की गई और कलेक्टर डाक्टर श्री गिरीश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देष दिया है की वे सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का तेजी से निराकरण करें इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नही होना चाहिये।  सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण लंबित रहने पर संबंधित अधिकारी पर जुर्माना लगाने की कार्यवाही की जायेगी।

                   इसी से संबंधित सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण नही करने पर अग्रणी बैंक प्रबंधक कलेक्टर ने उनके विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए जबलपुर संभाग के कमिश्नर को पत्र लिखने के लिये निर्देशित किया है।

वहीं वारासिवनी नगर पालिका परिषद के वार्ड नं.8 में स्थित नगर पालिका नजूल भूमि प्लाट नंबर 3/44 में नियम विरूद्ध नामांतरण कर दिया गया है।  उक्त भूमि पर नामांतरित लीजधारी मनीष रामचंदानी द्वारा नगर पालिका से बिना अनुमति प्राप्त किये 1 साल की अस्थाई लीज पर आरसीसी कॉलम खड़े कर निर्माण प्रारंभ कर दिया।

इस संबंध में पत्रकार आनंद ताम्रकार द्वारा 3 सितंबर को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत भेजकर नियम विरूद्ध किये जा रहे निर्माण कार्य की जांच कर उसे बंद करवाने हेतु प्रेषित की थी।  नगर पालिका परिषद द्वारा शिकायत के संबंध में लिखित तौर पर अवगत करा दिया गया इसके बावजूद उक्त भूमि पर निरतंर निर्माण कार्य लीजधारी द्वारा किया जा रहा है।

सीएम हेल्पलाइन से जानकारी लिये जाने पर आज दिनांक को अवगत कराया गया की प्रगति विवरण अपेक्षित है इस प्रकार नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन की शिकायत त्वरित निराकरण कर अवैध निर्माण बंद करवाने की बजाय निर्माण कार्य को जारी रखा जा रहा है ऐसा लगता है की पूरी दुकान बन जाने के बाद शिकायत की जांच की खानापूर्ति कर शिकायतकर्ता को प्रगृति विवरण से अवगत कराया जायेगा। इस तरह सीएम हेल्पलाइन में प्रेषित शिकायतों को नगर पालिका वारासिवनी द्वारा लंबित रखा जा रहा है।