सीमेंट फैक्टरी प्रबंधन की तानाशाही से सिमरिया क्षेत्र के किसानों में आक्रोश,,,,लगाए विधायक-सांसद मुर्दावाद के नारे

3:09 pm or December 24, 2021
पन्ना संवाददाता
पन्ना २४ दिसंबर ;अभी तक; मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज और सिमरिया तहसील क्षेत्र के किसानों के साथ जेके सीमेंट प्रबंधन की तानाशाही व मनमानी के चलते किसानों में आक्रोश व्याप्त है और गुरुवार को इसी आक्रोश को फूटते देखा गया।
                      फैक्टरी प्रबंधन की हिटलरशाही के विरोध में सिमरिया क्षेत्र के किसानों ने विधायक-सांसद मुर्दावाद के जमकर नारे लगाए।वही बोदा गावँ में मुख्यमंत्री हटाओ जमीन बचाओ,,,,, कलेक्टर हटाओ जमीन बचाओ… ओर कंपनी हटाओ जमीन बचाओ आदि की भी किसानों  ने नारेवाजी की। भारी पुलिस बल और प्रसासन के बीच फैक्टरी प्रबंधन द्वारा जब किसानों की जबरन जमीन हथियाने के लिए खेतों में जेसीबी उतारी गयी तो किसान जेसीबी के सामने लेट गए। उन्होंने खेतों में जेसीबी नही चलने दी। फेक्टरी क़े गुंडे किसानों की फसलों को रोदने के लिए जीसीबी का जबड़ा खोल चुके थे। लेकिन किसान मशीन के आगे लेट गए।बोदा के खेतों में घंटों चले इस विवाद पर उहापोह की स्थिति निर्मित हो गयी। कंपनी के दबंगों ओर पुलिस की पुलिसिया धौस से पन्ना जिले के ये किसान और भड़क गए। अंत मे खेतों में किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए जेसीबी को ड्राइवर ले भागा।दर्शल इस क्षेत्र के किसान अपनि जमीन का उचित मुआब्जा की मांग कर रहे है।
                   पन्ना जिले के सिमरिया तहसील के वोदा गांव में किसानों द्वारा किया गये विरोध प्रदर्शन के बाद गुस्साए किसानों द्वारा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा एवं पवई विधायक प्रह्लाद लोधी मुर्दाबाद के नारे लगाए।वहीं किसानों द्वारा रैली निकाल कर जमकर  विरोध किया गया।बतादे की जेके सीमेंट कंपनी को विकसित करने के लिए किसानों की जमीन जेके सीमेंट सीमेंट फैक्ट्री कंपनी द्वारा खरीदी जा रही है लेकिन किसान बेचने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि किसानों को उचित मुआवजा ना मिलने से किसानों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है।कंपनी द्वारा प्रशासन. की मदद से किसानों को नोटिस थमाया जा रहै है एवं जबरजस्ती बेचने के लिए दबाव डलवाया जा रहा है इसलिए समस्त किसान अब पन्ना कलेक्टर को हटाये जाने की भी मांग करने लगे है। नहीं तो ये किसान आंदोलन करेंगे और अपनी जमीन नहीं बेचेंगे. किसानों का आरोप है कि  पन्ना कलेक्टर कंपनि के कर्मचारियों से मिले हुए हैं और किसानों की एक भी बात नहीं सुन रहे।ऐसे में किसानों का आक्रोश ओर बढ़ रहा है। इस क्षेत्र के किसान जेके सेम सीमेंट कंपनी को ईस्ट इंडिया कंपनी करार दे रहे है जो किसानों की जमीनों को छीन लेना चाहते है। लेकिन जब प्रसासन से ओर कंपनी प्रबंधन से बात करने की कोसस की गई तो वह बचते नजर आए।
इनका है कहना:-**************
                जबरदस्ती जमीन ले रहे हैं हम लोग बहन भाई मां कहां जाएंगे अगर जमीन ले लेंगे तो अच्छा दाम देकर ले हम अपनी जमीन देंगे लेकिन उचित दाम नहीं देंगे तो हम जबरदस्ती जमीन नहीं देंगे हम लोग गांव देहात के हैं पढ़ने लिखने का कोई साधन नहीं है अगर जबरदस्ती जमीन लेंगे तो हम लोग मां बहन भाई सब खेत में जाकर सुसाइड कर लेंगे नेता अधिकारी कंपनी के साथ सब मिले हुए हैं ।
“सोनम सिंह किसान बेटी”
                  हमारे पास भविष्य के लिए भरण पोषण के लिए जमीन ही है तो मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री जी से गुजारिश है कि जवाब ना दें कंपनी वाले उचित दाम दें यही निवेदन है
“राम स्वरूप पटेल किसान”
                    प्रशासन कंपनी की दवाई में है लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि उचित मुआवजा दिलाया जाए।
“लोकेंद्र चौहान किसान”
                          जेपी सीमेंट कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी बन गई है जो लोगों की जमीन है सुनना चाह रही है नोटिस पर नोटिस काटे जा रहे हैं प्रशासन लगातार किसानों को परेशान कर रहा है आखिर किसान करें तो करें क्या किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए तो किसान जमीन देने को तैयार हैं बनना उनके पास तो भरण पोषण के लिए कुछ है ही6 नहीं है यह खेती के अलावा कुछ नहीं कर सकते हैं हमारा निवेदन है यही है कि उचित मुआवजा दिया जाए तो किसान अपनी जमीन दे सकते हैं हमने नेताओं से अधिकारियों से बहुत अनुनय विनय कर लिया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है यह जमीन छींनेने के लिए आमादा है।
“संतोष द्विवेदी किसान बेटा”