सूदखोरों ने ट्रक ड्राइवर को घर से उठाया, हाथ-पैर तोड़ने के इरादे से मारपीट में मौत

मयंक शर्मा

खंडवा १७ नवंबर ;अभी तक; जिले के पंधाना थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ी में ट्रक ड्राइवर श्रीपाल पिता भाईराम भील (35) की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें से तीन सगे भाई व दो उनके सहयोगी हैं। सभी आरोपी पंधाना व आसपास के गांवों में लोगों को ब्याज पर रुपए देकर रंगदारी से वसूली करते हैं।आरोपियों को सोमवार दोपहर जिला न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है।

           उल्ल्ेखनीय है कि गत 11 नवंबर की रात ट्रक ड्राइवर श्रीपाल को सूदखोर घर से उठा ले गए और अर्ध नग्न कर अधमरा होने तक लात-घूंसों व लाठियों से इतना मारा कि उसकी हड्डियां तोड़ दीं। इसके बाद उसकी मौत हो गई।
              थााना प्रभारी राधेश्याम मालवीय ने बताया कि हत्या के आरोप में पुलिस ने रविवार रात आरोपी मनदीप पिता कुलदीप घारू, ऋतिक पिता कुलदीप घारू, बल्लू घारू, तीनो सगे भाईयो सहित ंपधाना के ही  दीपू व गंजू को गिरफ्तार किया। आरोपियों को सोमवार दोपहर जिला न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है।
                उन्होने बताया कि मनदीप और उसके भाई व साथियों का ब्याज का धंधा है। ये लोग ज्यादातर समय पंधाना में एटीएम के पास ही बैठते हैं। ग्रामीणों को ब्याज पर रुपए देने के बाद मनचाहा रुपया वसूलते हैं। इनकी  गिरफ्तारी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
                थाना प्रभारी ने आगे बताया कि आरोपी मनदीप की पत्नी के मोबाइल पर मृतक श्रीपाल ने चार-पांच बार फोन किया था। जिससे मनदीप को अपनी पत्नी के चरित्र पर शंका हुई। आरोपी ने अपने भाई व साथियों के साथ मिलकर ट्रक ड्राइवर श्रीपाल को घर से यह कहकर ले गए कि साहब बुला रहे हैं। श्रीपाल को घर से घटनास्थल तक लाने में दीपू व गंजू की भूमिका रही।  मनदीप व बल्लू को श्रीपाल जानता था। उन्होने श्रीपाल के कपड़े उतरवाकर अर्ध नग्न कर इतना मारा कि वह अधमरा हो गया।
                   श्री मालवीया ने बताया कि ठंड व चोट के कारण श्रीपाल की मौत हो गई।यह स्वीकारोंक्ति अरोपी मनदीप व उसके साथियो की है।  दूसरा पहलू यह है कि सूदखोरी से बचने के लिए आरोपियों ने पुलिस को गुमराह किया है। पुलिस द्वारा पडताल में  यह बात भी संज्ञान में है कि  मृतक श्रीपाल ने आरोपी मनदीप व बल्लू से अनुमानित 15-20 हजार रुपए ब्याज पर लिए थे। जिसे लेने के लिए बल्लू ने अपने घर के मोबाइल नंबर से श्रीपाल को फोन लगाया था। ये नंबर श्रीपाल के मोबाइल में दर्ज हो गया।
श्री मालवीया ने बताया कि  घटना दिवस श्रीपाल ने  दो बार मोबाइल से फोन किया और बल्लू के बारे में पूछा। घटना से पहले भी दो-तीन बार मोबाइल लगाकर बल्लू का पूछा। मोबाइल नंबर घर का होने के कारण हर बार महिला ही बात करती थी। इस बात पर बल्लू को संदेह हुआ कि श्रीपाल उसके घर बार-बार फोन करता है।
                  श्री मालवीया ने कहा कि रूपयों के लेन देन व कथित कुश्ंाका के चलते योजनाबद्ध तरीके से आरोपियों ने ट्क ड्ायवर श्रीपाल को घर से उठा लेकर हत्या कर दी।

 


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