सूरदास और मंदबुद्धि वालों ने अपने पराक्रम और पुरुषार्थ से विश्व में नए कीर्ति मान स्थापित किए है- राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि

8:41 pm or November 2, 2022

महावीर अग्रवाल

मंदसौर २ नवंबर ;अभी तक;  दिव्यांग सूरदास और मंदबुद्धि वालों ने अपने प्रबल पराक्रम और पुरुषार्थ के साथ विश्व में नए कीर्ति मान स्थापित किए है तो सामान्य व्यक्ति क्यों नहीं कर  सकता। जन्म से कोई योग्य नहीं होता है। प्रयास से ही सफलता मिलती है।उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने जैन दिवाकर अनामिका निराश्रित लावारिस महिला आश्रम ड्रेस वितरण समारोह में व्यक्त किए। संतश्री ने कहा कि सुविधा और साधन हीन व्यक्तियों ने ही स्वर्णिम इतिहास का निर्माण किया है। सुविधा और साधन के गुलाम आंतरिक शक्ति से खोखले बन गए है। सुविधा और साधन मान लो आज व्यक्ति के लिए अभिशाप बन रहे हैं। इम्यूनिटी पावर का दिवाला निकाल रहे हैं।
राष्ट्रसंत ने बताया कि जिसका जितना आत्म बल मजबूत उतना ही वो धनवान है, और जिसका कमजोर है बस सबसे बड़ा गरीब है।  क्रांति कभी संपन्न और महलों में रहने वालों ने नहीं की जन क्रांति का सूत्रधार सामान्य व्यक्ति होता है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच मंदसौर की ओर से दिव्या खटोड़ ने जैन दिवाकर गुरुदेव चौथमल जी महाराज की 145 जयंती पर मिठाई और वस्त्रों का वितरण किया। विजय खटोड़, शशि मारू, मधु कड़ावत,  सपना नाहर, सुनील दक, नेहा जैन, अनिता खटोड़, अजीत खटोड़ ने अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मी चंद मंडलेचा सिल्लोड महाराष्ट्रने मुनि कमलेश के चरणों में 100 बीघा जमीन में गुरु गणेश कमल विहार गौशाला प्रारंभ की। यहाँ 200 गाय हैं। वही 36 हज़ार  महिला स्थानक के लिए प्रदान किए। संघ की ओर से उनका स्वागत किया गया।