सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने छोड़ी लाखो के पैकेज की नौकरी, चला रहे चाय की दुकान 

छिंदवाड़ा से महेश चांडक
छिंदवाड़ा  २ सितम्बर ;अभी तक;  देश के हर युवा का सपना होता है की वह अच्छी पढाई कर बड़ी बड़ी कम्पनियो मैं लाखो रुपये के पैकेज के साथ कार्य करे और अपने माता – पिता सहित जिले का नाम रोशन करे, वही दूसरी और कुछ युवा आज के वर्तमान समय मैं आत्मनिर्भर बनना चाहते है ऐसा ही कुछ छिंदवाड़ा मैं देखने को सामने मिल रहा है जहा एक युवा लाखो रुपये का पैकेज छोड़ सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के बाद भी चाय की दुकान खोलकर चाय के साथ नाश्ता और पोहा बेच रहा है .  ठेले मैं इंजीनियर ने बकायदा अपने बारे मैं लिखा है  छिंदवाड़ा शहर के नगर निगम योजना कार्यालय के पास इंजीनियर चायवाला की दुकान इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है
                  इंजीनियर अंकित नागवंशी ने बताया की मैं एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है जहा मेने विप्रो, बिजनेस इंटेलिजेंस, ट्रस्ट सॉफ्टवेयर जैसी बड़ी बड़ी कम्पनी मैं काम किया है जहा मुझे लाखो रुपये के पैकेज मिलते थे की वह रुपये तो मिलते थे लेकिन सुकून नहीं मिलता था मैं हमेशा से ही बिजनेस करना चाहता था हर रोज मेरे टेबल पर चाय आती थी पर मुझे कभी बेहतरीन चाय नहीं मिली मैं हमेशा से चाय का शौकीन रहा हूँ मैं चाहता था की मुझे लाजवाब चाय पिने को मिले, इसी को लेकर मेने नौकरी छोड़ एक छोटी सी चाय की दुकान खोलकर शुरुआत करी है जिसका नाम इंजीनियर चायवाला रखा है
                 वही ठेले मैं चाय RO, UV और ओजोनाइड के साफ़ पानी से चाय बनाई जाती है इम्युनिटी चाय के साथ साउथ इंडियन कॉफी, तरी पोहा और मसाला चाय भी बेचता हूँ  इंजीनियर का यह भी कहना है की प्राइवेट नौकरी ख़राब नहीं होती है लेकिन जिस काम मैं आपका मन लगे वही करे और मैं वही कर रहा हूँ पहले मेने चाय की दुकान नागपुर मैं खोली थी लेकिन वह लॉकडाउन होने के बाद वह बंद करके छिंदवाड़ा मैं दुकान खोली है

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