सोमवार से न्यायालयीन कार्य वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से शुरू होगे

मयंक शर्मा
खण्डवा २२ नवंबर ;अभी तक; उच्च न्यायालय जबलपुर के परिपत्र के पालन में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एल.डी. बोरासी ने जिला न्यायालय एवं सिविल न्यायालय हरसूद, पुनासा व मांधाता में 23 नवम्बर से सीमित न्यायालीयन कार्य कुछ शर्ताे के अधीन वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से भी प्रारंभ करने के आदेश जारी किए है।
           जारी आदेश अनुसार हरसूद, पुनासा व मांधाता ओंकारेश्वर में कार्यरत न्यायालयों के समक्ष विचाराधीन सभी ऐसे प्रकरण की संख्या एवं कार्य दिवसों को ध्यान में रखते हुए प्रकरण नियत कर उनमेें सुनवाई सुनिश्चित की जायेगी।
              जिला एवं सत्र न्यायालय व जिले के प्रत्येक अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के द्वारा साक्ष्य के प्रकरणों में नवम्बर माह में 23, 25 व 27 तारीख तथा दिसम्बर माह में 1 व 3 तारीख सुनवाई के लिए नियत की जायेगी। इसी तरह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व प्रत्येक न्यायालय मजिस्ट्रेट द्वारा साक्ष्य के प्रकरणों में सुनवाई के लिए नवम्बर माह में 24 व 26 तथा दिसम्बर माह में 2 व 4 तारीख नियत की जायेगी। इसके अलावा अन्य कार्य दिवसों में अन्य सभी प्रकार के मामलों की सुनवाई की जायेगी। जारी आदेश अनुसार अत्यावश्यक सुनवाई योग्य कार्यवाहियां प्रत्येक कार्य दिवस में यथावत जारी रहेगी।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश  एल.डी. बोरासी ने बताया कि जिन मामलों में प्रत्येक कार्य दिवसों में सुनवाई की जायेगी, उनमें विचाराधीन बंदियों के मामले, 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित दाण्डिक प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में क्षतिपूर्ति धन के संबंध में, दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 से 128 से संबंधित प्रकरण, किशोर न्याय बोर्ड से संबंधित प्रकरण, दत्तक ग्रहण संबंधी प्रकरण, ऐसे प्रकरण जिनमें सर्वाेच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय ने प्रकरण का निराकरण समय सीमा में करने के निर्देश दिए है।
जिन लोगों को कोविड-19 के कारण क्वारेंटिन या आईसोलेटेड किया गया है उनका न्यायालय परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। न्यायालय परिसर में सभी को फेस मास्क लगाकर उपस्थित होना होगा। न्यायालय परिसर में प्रवेश करने वाले न्यायाधीशगण व न्यायालीयन कर्मचारीगण, जिला न्यायालय परिसर के गेट क्रमांक 3 से प्रवेश करेंगे। जबकि अधिवक्तागण, पक्षकारगण व साक्षी की हैसियत से आने वाले लोग गेट क्रमांक 1 से प्रवेश करेंगे। न्यायालय में प्रवेश के पूर्व थर्मल स्केनर से संबंधित की स्वास्थ्य जांच की जायेगी तथा सेनेटाइजर से हाथ स्वच्छ किए जायेंगे। बुखार व फ्लू के लक्षण वाले लोगों को न्यायालय परिसर में आने की अनुमति नहीं होगी।

             न्यायालय परिसर में स्थित रेस्टोंरेंट व फोटोकॉपी की दुकानें पूर्णतः बंद रहेगी। न्यायालय परिसर में सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। न्यायालय परिसर स्थित सभी डिस्प्ले बोर्ड संचालित किए जायेंगे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश  ने बताया कि न्यायालय परिसरों में सोशल डिस्टेंसिंग के प्रावधानों के पालन के लिए समिति बनाई गई है।

 


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