सोलह संस्कारों में सबसे उत्तम है मंत्र दीक्षा संस्कार – अवधेशानंदगिरीजी 

5:52 pm or September 23, 2022
अरुण त्रिपाठी
रतलाम,23 सितंबर ;अभी तक;  जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री अवधेशानंदगिरी जी महाराज ने हनुमंत धाम (विधायक सभागृह) में सैकड़ों गुरु भक्तों को मंत्र दीक्षा प्रदान की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सोलह  संस्कार हैं और उनमें मंत्र दीक्षा का संस्कार सबसे उत्तम है। यह संस्कार प्राप्त करने वाले व्यक्ति का नया जन्म होता है। उसका गुरु शिष्य के रूप में एकं संबंध भी जुड़ जाता है।
                                प्रभु प्रेमी संघ के तत्वावधान में आयोजित मंत्र दीक्षा कार्यक्रम में आरंभ ने आचार्यजी ने उपस्थित भक्तों को सभी  संस्कारों की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति कालजयी है। अन्य देशों की संस्कृतियां पैदा हुईं और खो गईं लेकिन भारतीय संस्कृति शाश्वत है। भारतीय प्रकृति से, वनस्पितयों से, जल से, नभ से, सब से प्रेम करते हैं। हमारा धर्म सनातन है। हमारी संस्कृति में धरती को माता माना गया है। गाय भी माता का स्वरूप है और माता पिता को देव कहा गया है। गुरु शिष्य का संबंध अटूट होता है। गुरु द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने वाला कभी असफल नहीं होता।
स्वामीजी ने प्रेरणास्पद उद्बोधन के बाद उपस्थित भक्तों को मंत्र दीक्षा प्रदान की। इससे बाद हनुमंत धाम में आए अन्य भक्तों से भी मुलाकात कर, उन्हें शुभाशीष प्रदान किया।
इंदौर प्रस्थान से पूर्व एकता का संदेश
                            स्वामीजी ने रतलाम से दोपहर में इंदौर प्रस्थान किया। इसके पूर्व दयाल वाटिका में प्रभु प्रेमी संघ एवं समन्वय परिवार सदस्यों से संयुक्त चर्चा की। उन्होंने एकजुटता को और मजबूत कर समाज सेवा के कार्यों को बढ़ाने का आव्हान किया। स्वामीजी से इस दौरान रतलाम सहित आसपास के विभिन्न स्थानों से आए भक्तों ने आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान प्रभु प्रेमी संघ अध्यक्ष हरीश सुरोलिया, पूर्व अध्यक्ष कैलाश व्यास, प्रभु प्रेमी संघ के प्रमोद राघव,अनिल झालानी मनोहर पोरवाल,केबी व्यास , रामेश्वर खंडेलवाल, नरेश झालानी ,नारायण लाल शर्मा,आरआर दुबे,राजाराम मोतियानी,जयेश झालानी, वीडी नागर,वीरेंद्र जोशी ,राजेश ओझा,संजीव पाठक, नवीन भट्ट , सुनील भट्ट ,सरिता सुरौलिया, सीमा प्रभु, लल्लन सिह ठाकुर ,संजय सोनी ,मुकेश सोनी, विपिन पोरवाल,अरुण त्रिपाठी सहित समन्वय परिवार के माधव काकानी, शैलेन्द्र डागा,कालूराम पाटीदार , जितेंद्र वाघेला, शिवराम शर्मा ,रमेश शर्मा आदि मोजूद रहे