सौ से अधिक जनसमूह के कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन की अनुमति आवश्यक

मयंक भार्गव

बैतूल, 15 अक्टूबर ;अभी तक;  प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा द्वारा प्रदेश में सामाजिक/शैक्षणिक/खेल/मनोरंजन/सांस्कृतिक/राजनैतिक/रामलीला एवं रावण दहन आदि के लिए आगामी आदेश तक के लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

सामाजिक/शैक्षणिक/खेल/मनोरंजन/सांस्कृतिक/राजनैतिक/रामलीला एवं रावण दहन आदि कार्यक्रमों के खुले मैदान में जनसमूह के संबंध में-
खुले मैदान में उक्त प्रकार के कार्यक्रमों के लिए मैदान के आकार को दृष्टिगत रखते हुए तथा फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजेशन एवं थर्मल स्केनिंग की व्यवस्था के पालन करने की शर्त पर 100 से अधिक संख्या के जनसमूह के कार्यक्रमों के लिए अनुमति जिला प्रशासन द्वारा प्रदाय की जाएगी।
उपरोक्त प्रकार के कार्यक्रम कन्टेन्मेंट जोन में आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।
इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आयोजकों को जिला प्रशासन को लिखित में आवेदन करना आवश्यक होगा तथा आवेदन में कार्यक्रम की तिथि, समय, स्थान एवं संभावित संख्या का उल्लेख करना आवश्यक होगा। जिला कलेक्टर द्वारा प्राप्त आवेदन पत्र पर विचारोपरान्त कार्यक्रम की लिखित अनुमति प्रदान की जाएगी, जिसमें उक्त संख्या एवं शर्तों का पालन कराने की जवाबदारी आयोजकों की होगी।
उक्त प्रकार के आयोजनों की वीडियोग्राफी आवश्यक रूप से कर आयोजकों को कार्यक्रम समाप्ति के 48 घंटों में प्रति जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।
प्रदेश में आगामी आदेश तक धार्मिक स्थलों पर मेलों के आयोजन आदि पर प्रतिबंध रहेगा।
धार्मिक स्थलों पर जहां बंद कक्ष अथवा हॉल में श्रद्धालु एकत्र होते हैं, वहां कलेक्टर द्वारा कुल उपलब्ध स्थान के आधार पर इस प्रकार अधिकतम सीमा नियत की जा सकेगी, जिसमें उपलब्ध स्थान में श्रद्धालुओं के मध्य दो-गज दूरी सुनिश्चित करते हुए पूजा/अर्चना की जा सके। किन्तु उक्त संख्या किसी भी स्थिति में एक समय में 200 से अधिक नहीं होगी। साथ ही धार्मिक स्थल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोविड-19 रोकथाम के तारतम्य में फेस मास्क की बाध्यता एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन धर्मावलंबियों द्वारा किया जाए।
बिना अनुमति 100 से अधिक जनसमूह के कार्यक्रम करने अथवा प्रदत्त अनुमति में उल्लेखित शर्तों के उल्लंघन करने अथवा उपर्युक्त कण्डिका में उल्लेखित कार्य में शर्तों का उल्लंघन करने पर संबंधितों के विरूद्ध धारा 188 भारतीय दण्ड विधान के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निर्देशानुसार समूचे प्रदेश में दुकानें, बाजार, मॉल अपने निर्धारित समय तक खुले रह सकेंगे।

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