स्कूल बस छूटने से डिप्रेशन आया छात्र फांसी पर झूला, मौत, एक भी दिन नहीं करता था स्कूल मिस

मयंक भार्गव

बैतूल २२ नवंबर ;अभी तक;  हाईटेक जिंदगी में जरा-जरा सी बात में लोग डिप्रेशन में आकर ऐसा कदम उठा लेते हैं जिससे परिजनों के हाथ में सिर्फ पछताने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता है। ऐसा ही एक मामला जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी. दूर पुलिस चौकी घोड़ाडोंगरी के समीपस्थ ग्राम आमडोह में घटित हुआ। यहां पर एक बच्चे की स्कूल बस मिस हो गई तो उसने स्कूल यूनीफार्म में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से परिजनों सहित ग्राम में मातम पसरा हुआ है।

घर के पीछे पेड़ पर लगाई फांसी

घोड़ाडोंगरी पुलिस चौकी प्रभारी रवि शाक्य ने बताया कि 14 साल का राहुल पिता प्रफुल्ल सरदार कक्षा 9 वीं का छात्र था। सोमवार को वह स्कूल जाने के लिए घर से निकलकर सड़क पर पहुंचा, लेकिन उसकी बस छूट गई। वह रोते हुए घर आया और उसने घर के पीछे आम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। राहुल के चाचा कनिक सरदार ने बताया कि राहुल रोजाना स्कूल जाता था, वह कभी स्कूल मिस नहीं करता था। आज स्कूल मिस होने से वह बहुत दुखी था। इसी कारण उसने आम के पेड़ पर फांसी लगा ली।

मेधावी छात्र था राहुल

राहुल के विषय में उसके चाचा कनिक सरदार ने बताया कि राहुल पढ़ाई में इतना अधिक होशयार था कि उसे हर विषय में पूरे अंक मिलते थे। पढ़ाई के प्रति उसकी लगन अत्यधिक थी। वह प्रतिदिन स्कूल जाता था लेकिन आज स्कूल बस मिस हो जाने के कारण वह डिप्रेशन में आ गया और उसने घर के पीछे आम के पेड़ पर फांसी का फंदा बनाकर उस पर झूल गया जिससे उसकी मौत हो गई।

परिजनों सहित गांव में पसरा मातम

घोड़ाडोंगरी के आमडोह गांव में सोमवार को एक ऐसी घटना घटी, जिसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया। एक बच्चे को स्कूल और पढ़ाई से इस कदर प्यार था कि एक दिन स्कूल क्या चूका, उसने जीना ही होड़ दिया। सोमवार को वह घर से स्कूल जाने के लिए निकला, लेकिन उसके स्टाप पहुंचते-पहुंचते स्कूल बस छूट गई। छात्र रोते हुए घर पहुंचा और कुछ देर बाद उसने घर के पीछे पेड़ पर रस्सी डालकर फंदे पर झूल गया। बच्चे ने अपनी यूनिफार्म तक नहीं उतारी थी।

बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें परिजन

घोड़ाडोंगरी सीएचसी के डॉक्टर अभिनव शुक्ला ने बताया कि स्कूल बस छूट जाने के कारण 9 वीं के छात्र ने फांसी लगा ली। आज कल डिप्रेशन के कारण कई छात्र एवं युवा आत्महत्या कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर बच्चों की बढ़ रही एक्टिविटी बहुत हद तक इसके लिए जिम्मेदार है। परिवार को ऐसे में बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की जरूरत है।
मयंक भार्गव, बैतूल से

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