स्वर्गीय दिलीपसिंहजी भूरिया की प्रतिमा स्थल से अतिक्रमण हटाने की मांग

5:01 pm or November 18, 2020
स्वर्गीय दिलीपसिंहजी भूरिया की प्रतिमा स्थल से अतिक्रमण हटाने की मांग।

श्याम त्रिवेदी।

झाबुआ 18 नवम्बर ;अभी तक; .आदिवासियो के मसीहा स्वर्गीय दिलीपसिंहजी भूरिया की प्रतिमा स्थल पर किये जा रहे अतिक्रमण को हटाने, बाउण्ड्रीवाल बनाने एवं नियमित साफसफाई की व्यवस्था की मांग को लेकर आज आदिवासी हितरक्षक संगठन ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में उल्लेख किया है कि आदिवासीयो के मसीहा स्वर्गीय श्री दिलीपसिंह जी भूरिया ने झाबुआ जिले के छोटे से ग्राम माछलिया मे जन्म लेकर देश की राष्ट्रीय राजनीति मे अपने पराक्रम से आदिवासी समाज की दशा एवं दिशा सुधारने मे अहम भूमिका अदा की है। और इसी कारण उनके सम्मान मे अवसान के पश्चात उनकी आदमकद प्रतिमा जिला मुख्यालय झाबुआ के मेघनगर नाके पर स्थापित की गई है। इस प्रतिमा स्थल को विकसित करने के लिये प्रतिमा अनावरण के समय तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री श्री लालसिंह आर्य ने एक करोड रूपये देने की घोषणा की गई थी किन्तु आचार संहिता लगने से स्थानीय प्रशासन द्वारा इस संबध मे ठोस कार्यवाही नही की गई और विकास का कार्य आज दिनांक तक नही हुआ है।

स्व दिलीपसिंहजी भूरिया आदिवासी समाज के सर्वमान्य राष्ट्रीय नेता रहे है। उनके द्वारा अपने संसदीय कार्यकाल मे आदिवासीयो के हित संरक्षण के लिये बहुतेरे कानून बनवाये गये है, जिससे देश के आदिवासियो को सीधे लाभ मिला है। सहकारिता के माध्यम से आदिवासियो को शोषण से मुक्ति दिलवाई तो पेसा कानून बनाकर सत्ता मे सीधे-सीधे आदिवासियो की भागीदारी और उनके अधिकार संरक्षित किये गये है।

झाबुआ रतलाम संसदीय क्षैत्र के विकास के लिये उनके द्वारा ठोस कार्ययोजना बनाकर विभिन्न विकास और रोजगार मुलक कार्य प्रारम्भ करवाये गये है झाबुआ जिला उस समय सूखे के दंश से ग्रस्त था तब माही सिंचाई परियोजना का निर्माण करवाया गया काम के बदले अनाज योजना घर-घर  विद्युत कनेक्सन देना हो या गांव-गाव तक शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिये नये स्कूल खोलने व भवन सहित अन्य संसाधन निर्मित कराये गये सडको का विस्तार करवाया गया तो झाबुआ-दाहोद रेलवे लाईन की स्वीकृति मेघनगर मे सुपर फास्ट ट्रेनो का स्टापे सहित जिले मे अनेक विकास के कार्य कराने वाले श्री दिलीपसिंहजी भूरिया के अनुयायी देश भर से झाबुआ आकर उनकी प्रतिमा के दर्शन कर माल्यापर्ण करते है।

परन्तु अत्यंत दुःख होता है कि आदिवासी समाज एवं जिले के लिये अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले आदिवासियो के मसीहा की प्रतिमा तो हमने स्थापित कर दी किन्तु उसकी देखरेख के अभाव मे प्रतिमा स्थल की दुर्दशा हो रही है चारो और की बाउण्ड्रीवाल को तोडकर अतिक्रमण किया जा रहा है गंदगी की भरभार है वही वाहनो के धुये से प्रतीमा पर धूल जम रही है जिसे देखकर हम सभी का मन अपार वेदना से व्यथित हो जाता है।आदिवासी हितरक्षक संगठन मांग करता है कि स्वर्गीय श्री दिलीपसिंहजी भूरिया की प्रतिमा की नियमित साफ-सफाई की जाने और प्रतिमा स्थल पर किये गये अतिक्रमण को तुरन्त हटाकर बाउण्ड्रीवाल का निर्माण किया जावे तथा इस सम्पूर्ण परिसर मे श्री दिलीपसिंहजी भूरिया के नाम पर गार्डन विकसित करने की कार्ययोजना बनाकर स्थल को विकसित करें।

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