स्वामी विवेकानंदजी से राष्ट्रवाद चरित्र और संस्कारो की शिक्षा लेकर ही भारत विश्वगुरू बनेगा

7:05 pm or January 12, 2022

महावीर अग्रवाल

मंदसौर  १२ जनवरी ;अभी तक;  शासकीय प्राथमिक विद्यालय डिगांवमाली में स्वामी विवेकानंद जी की जन्म जयंति बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ संगोष्ठी एवं विदाई समारोह के रूप में मनाई गई। प्रारंभ मे भारत माता, सरस्वती माता एवं स्वामी विेवकानंद जी के चित्र पर मार्ल्यापण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। नन्हें मुन्हे बच्चो ने देशभक्तिपूर्ण गीत एवं कविता का वाचन किया। साथ ही ग्राम पंचायत का शैक्षिणिक भ्रमण भी किया गया। धुंधड़का उपस्वास्थय केन्द्र कें डा.ॅ प्रकाश डाबी तथा अन्य ने भी छात्र- छात्राओं का स्वास्थय परिक्षण किया एवं गोली दवाईयां दी गई। इस अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के छात्र अध्यापका द्वारा प्रथम वर्ष के छात्र छात्राओं क्षरा 6 दिन तथा द्वितीय वर्श के छात्र अध्यापको द्वारा 24 दिन की कक्षाएं लेकर नवाचारों प्रोजेक्ट बालसभा तथा खेलकुद गतिविधि एवं पुरूस्कार वितरण कर विद्यालय के छात्रों का उत्साह वर्धन किया गया। छात्र-छात्राओं को कोराना से बचाव हेतु मास्क बांटे तथा स्वल्पहार कराया गया ।
स्वामी विवेकानन्द के जन्मदिवस युवा दिवस के रूप में मनाते हुए संस्था के  प्राथमिक शिक्षक मनीष पारिख सर ने छात्र-अध्यापकों को विदाई के अवसर पर प्रतिक चिन्ह भेट कर कहा कि स्वामी विवेकानन्दजी कृतित्व एवं व्यक्तित्व से प्रेरणा लेंकर युवा एवं समस्त देशवासी राष्ट्रवाद चरित्र एवं संस्कारों की शिक्षा लेकर मातृ भाषा एवं देश का मान बढ़ाए। तथा महापुरूषें एवं बलिदानीयों को ही अपना रोल मॉडल मानें और भारत माता कों परम वैभव की प्राप्ती हेतु राष्ट्र सेवा में कृत संकल्पीत होंकर जीवन जीये। युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानन्द जी जैसे चरित्रवान होगे तभी देश पुनः विश्वगुरू बनेगा। मनुष्य एवं पशु में सिर्फ विवेक का ही अतंर होता है। देश के लिए जीना एवं राष्ट्र सर्वापरी हो ऐसे भावो से ही व्यक्ति समाज एवं राष्ट्र के साथ साथ स्वामी विवेकानंद जी के समान हर जगह सम्मान पाता है।
संस्था के प्रधान श्रीमति समशील परिहार ने कहा कि महापुरूषो के जीवन से प्रेरणा लेकर ही भावी पीढ़ी देशहित के कार्य कर पाएगी और शिक्षा प्राप्त कर देश की तरक्की में कंधे से कंधा मिलाकर चल पाएगी।  इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान मंत्री सूरज सुर्यवंशी तथा विद्यालय की सहायका श्रीमति चंदा पालीवाल को शाल भेट की गई। सभी छात्र/अध्यापक/अध्यापिकाओं ने भी शिक्षक बनने एवं सीखने की प्रक्रिया को समझा  एवं जीवन में चरित्र  निर्माण पर बल देने की शपथ ली।
इस अवसर पर योगिता भाटी, रानु विश्वकर्मा, निकीता विश्वकर्मा, प्रधुम्मन राठौर अमिषा आंजना तथा शीतल शर्मा आदि डाईट के छात्र अध्यापक उपस्थित थे। कार्यतक्रम का  संचालन  अमीषा आंजना ने किया । अतं में आभार प्रधुम्मन राठौर  ने माना यह जानकारी श्रीमति समशील परिहार ने दी