स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते सात वर्षीया आदिवासी बालिका की मौत

मयंक शर्मा
खंडवा २ सितम्बर ;अभी तक; स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते ग्राम गारबेड़ी की सात वर्षीया आदिवासी बालिका की मौत हो गई।
                बीएमओ खालवा-डा. शैलेंद्र कटारिया, ने ग्राम गारबेड़ी से बालिका को सुबह लाया गया था जो गंभीर अवस्था में थी, जिसे डा. प्रिंस भाटिया व आयुष चिकित्सक शैलेंद्र राठौर द्वारा प्राथमिक उपचार कर खंडवा रेफर किया गया था। बालिका को स्वयं सेवी संस्था की एंबुलेंस से खंडवा रेफर किया गया  कोई लापरवाही नहीं हुई है।
                 मृतिका के पिता अशोक पुत्र राजाराम कोरकू ने बताया कि मेरी सात वर्षीय लड़की रानी को बुधवार बुखार आया था। गुरुवार को सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाने पर डाक्टर व नर्स ने देखा व बाटल लगाई । एक घंटे बाद कहा बच्ची की तबियत ज्यादा खराब है खंडवा ले जाओ । अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस होने के बाद भी हमें उपलब्ध नहीं कराई गई। डाक्टर व नर्स ने कहा बच्ची की तबियत ज्यादा खराब है खंडवा ले जाओ । अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस होने के बाद भी हमें उपलब्ध नहीं कराई गई। नर्स ने कहा एंबुलेंस नहीं है, निजी वाहन से ले जाओ । हमने आक्सीजन की
मांग की लेकिन हमें आक्सीजन तक उपलब्ध नही कराई गई। खालवा से एक निजी वाहन में बालिका को लेकर जिला अस्पताल लाने पर यहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
                   उन्होंने कहा कि बच्ची को आक्सीजन लगाकर आते तो शायद बच जाती।  खालवा के स्वास्थ्य विभाग पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसकी वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत करने की बात कही है। क्षेत्रीय विधायक और वनमंत्री विजय शाह द्वारा स्वास्थ्य विभाग को दो वातानुकूलित एंबुलेंस उपलब्ध करवाई गई है, लेकिन यह एम्बुलेंस गरीबों को उपलब्ध नहीं हो पा रही है। खालवा में दर्जनों आक्सीजन कन्सेटर उपलब्ध है लेकिन सात वर्षीय बच्ची को समय पर आक्सीजन उपलब्ध नहीं होना विभाग की लापरवाही दर्शाती है।
नायब तहसीलदार खालवkअंकित मौर्य,
मृत बालिका के परिजन तहसील कार्यालय आए थे लेकिन कोई आवेदन नहीं दिया।
अंतिम संस्कार कर कल शिकायत करने की बात कही है।