हनुवंतिया आईलैंड पर स्विट्जरलैंड जैसा एहसास, ऊंची लहरों पर दौड़ेगी 350 सीसी की इटालियन बोट,

मयंक शर्मा

खंडवा १० नवंबर ;अभी तक; मप्र में अगर गोवा टाइप फीलिंग लेना है तो खंडवा स्थित नर्मदा के
बेकवाटर में आकार ले गये सुन्दरतम टापू हनुवंतिया  का रूख कर सकते हैं।
हनुवंतिया आईलैंड पर 20 नवंबर से जल महोत्सव की शुरुआत हो रही है। इस बार
पर्यटकों के लिए यहां इटेलियन बोट आकषर्ण का केन्द्र होगी।

टूरिस्ट को वाटर स्पोट्र्स का मजा देने के लिए इटली से रीगल बोट मंगवाई
गई है। 350सीसी की  बोट 6 फीट ऊंची लहरों को यह आसानी से काटकर तेजी से
आगे बढ़ सकती है। हनुवंतिया महोत्सव में जिप लाइनर, वाटर पैरासेलिंग जैसी
18 गतिविधियां होंगी। हर शाम कल्चरल प्रोग्राम भी होंगे, जिसका पर्यटक
लाभ उठा सकते हैं। महोत्सव के डेढ  सप्ताह पूर्व से पर्यटकों का आना शुरू
हो गया है।

मप्र विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम 4 दिवसीय दौरे पर रहेंगे। वे 11 नवंबर
को खंडवा के पर्यटन स्थल हनुवंतिया आएंगे, यहां से ओंकारेश्वर बांध का
निरीक्षण कर ज्योर्तिलिंग भगवान के दर्शन कर रात्रि विश्राम करेंगे। इसके
बाद महेश्वर फिर मांडू और इंदौर जाएंगे।जारी कार्यक्रम के अनुसार गौतम 11
नवंबर को 11.30 भोपाल से हनुवंतिया आएंगे,

जिला मुख्यालय खंडवा से करीब 40 किलोमीटर दूर  हनुवंतिया आइलैंड को एमपी
का गोवा कहा जाता है। यहां आने वाले पर्यटकों को हनुवंतिया के आगे
स्विट्जरलैंड की वादियां भी फेल नजर आती हैं। इसकी वजह है चारों ओर समंदर
की तरह फैलें कुदरती नजारे। इन नजारों को निहारने यहां अभी से बड़ी संख्या
में टूरिस्ट आने लगे हैं। जल महोत्सव के दौरान यहां पर्यटकों की भीड़
उमड़ती है। यहां का अद्भुत दृश्य देखकर लोगों की नजरें नहीं हटती हैं। हर
साल हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं।

खंडवा जिले के मूंदी के निकट इंदिरासागर बांध के बैक वॉटर में हनुवंतिया
टापू को आकार दिया गया है। एमपी पर्यटन विकास निगम ने इसे 20 करोड़ रुपये
की लागत से तैयार किया है। बैक वाटर में बना यह टापू देश में
अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहला सैलानी टापू है।

हनुवंतिया में जल महोत्सव की शुरुआत 2016 में हुई थी। उसके बाद से हर साल
यहां आयोजन हो रहा है। 2020 में कोविड की वजह से लगा था कि आयोजन नहीं
होगा। मगर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 2020 में भी आयोजन हुआ था।
रात्रि के समय लाइटिंग की वजह से यहां का नजारा जबरदस्त होता है। अद्भुत
नजारे को देखकर लोगों की नजरें नहीं हटती हैं।

इवेंट कंपनी की ओर से हनुवंतिया जल महोत्सव  का आयोजन किया जाता है।
इवेंट कंपनी के मैनेजर सरवन कुमार ने बताया सरकार की तरफ से इसके लिए
टेंडर होता है। इस बार टेंट सिटी में 103 कमरे हैं। टेंट सिटी में आधे से
ज्यादा रूम बुक हो गए हैं। अहमदाबाद, जलगांव, इंदौर, नागपुर, भोपाल से
फिलहाल बुकिंग ज्यादा है। दिसंबर महीने में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक
पहुंचते हैं।

वाटर स्पोट्र्स में बनाना राइड, बंपर राइड, स्लीपिंग राइड, स्पीड बोट और
क्रूज के अलावा इटली से मंगवाई गई रीगल बोट भी है। रीगल बोट में ड्राइवर
सहित एक साथ 8 लोग बैठ सकते हैं। इस बोट का राजस्थान के उदयपुर में
ट्रायल हो चुका है। रीगल बोट में 350सीसी का इंजन लगा हुआ है, जबकि
सामान्य बोट में 40-45सीसी  का इंजन होता है।
हनुवंतिया आइलैंड में  यहां चारों ओर समुद्र की तरह फैले कुदरती नजारे।
इन नजारों को निहारने यहां टूरिस्ट आते हैं। रविवार को यहां 3000 टूरिस्ट
पहुंचे।

इवेंट कंपनी के मैनेजर सरवन कुमार ने बताया कि इस साल संस्कृति विभाग
गीत-संगीत से जुड़े पर्यटकों के लिए मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक प्रोग्राम
भी आयोजित करेगा। पर्यटन निगम यहां बस का संचालन भी करेगा। जल महोत्सव
में हर शाम कल्चरल प्रोग्राम होंगे। आयोजन संस्कृति विभाग द्वारा किया
जाएगा। महोत्सव में स्थानीय कला, शिल्प, लोक संगीत, नृत्य और मप्र में
जीवन, संस्कृति, रंगों से भरे रीति-रिवाजों और समृद्ध परंपराओं से जुड़े
सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

नर्मदा बैक वाटर के पूरा इलाका नर्मदा नदी के बैक वाटर से भरा है। यहां
हनुवंतिया और सैलाना के अलावा धारीकोटला, बोरियामाल, गुंजारी टापू और
नर्मदा वैली समेत 27 टापू हैं। खंडवा से सीधे हनुवंतिया जाने के लिए बसें
मिलती हैं। खंडवा से मूंदी के लिए भी बसें हैं। मूंदी से हनुवंतिया करीब
12 किलोमीटर है। यहां से मैजिक वाहन चलते हैं। वहीं, ट्रेन से आप खंडवा
आकर भी बस से हनुवंतिया जा सकते हैं। प्राइवेट गाड़ी से भोपाल से इंदौर
होते हुए सनावद आएं। सनावद से नर्मदा नगर जाने वाले मार्ग से होते हुए
मूंदी और फिर हनुवंतिया पहुंचा जा सकता है।