*हफ्ता वसूली करने वाले अभियुक्तगण की दूसरी बार भी जमानत निरस्त*

महावीर अग्रवाल
मंदसौर  /उज्जैन २५ सितम्बर ;अभी तक; न्यायालय श्री जफर इकबाल अपर सत्र न्यायाधीश-तहसील बड़नगर जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियक्तगण 01. कमल पिता राजाराम, 02. रोहित पिता राजाराम, निवासीगण-ग्राम सरसाना, तहसील- बड़नगर जिला उज्जैन का द्वितीय जमानत आवेदन निरस्त किया गया।
            उप-संचालक अभियोजन डॉ0 साकेत व्यास ने बताया कि घटना इस प्रकार है कि फरियादी कोमल पिता लाखनसिंह द्वारा पुलिस थाना इंगोरिया पर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि मैं महेवा उरई जिला जालौन उ0प्र0 में रहता हूॅ, मॉ बैष्णव ट्रेवल्स की बस चलाता हूॅ, जो कानपुर से सूरत चलती है। मैं दस साल से इस लाइन पर बस चला रहा हूॅ। दिनांक 06.09.2020 को मैं सूरत से कानपुर के लिए जा रहा था, तभी बड़नगर से इंगोरिया रोड पर डी गुर्जर ढाबे के सामने करीबन 10ः00 बजे पहुंचा, तभी दिनेश पिता राजाराम, रोहित पिता राजाराम व कमल पिता राजाराम निवासी सरसाना जो मेरी बस के सामने आये और मेरा रास्ता रोककर मुझे नीचे उतारकर, मुझे तीनों मॉ-बहन की नंगी-नंगी गालियां देने लगे और बोले कि मुझे हफ्ता क्यों नहीं देते हो और तुम लोग मेरे ढ़ाबे पर अपनी बस भी नहीं रोकते हो, हमे हफ्ता अभी चाहिए। मैने उन्हें गालियां देने से मना किया और बोला कि मेरे सेठ ने किसी को भी रूपये देने से मना किया है, तभी मेरी कम्पनी की दूसरी बस जो अहमदाबाद से कानपुर के लिए जाने वाली आई तो दोनो ने उस बस को भी रोक लिया। मेरी बस की 24 सवारी व दूसरी बस की 15 सवारी उतारकर वही से जा रही अन्य बसे जो ढाबे पर खडी थी, उस में बैठा दी। हमारी दोनों बसो को जबरजस्ती ढाबे पर खड़ी करा कर बोले कि हम यहां के दादा है, हमारा यहां पर नाम चलता है, तुम्हारी कम्पनी में मेरा डेढ लाख रूपये का टेक्स हो गया है वो रूपये वसूल करेंगे तभी बसो को जाने देंगे और बोले कि अगर दोनों बसो को यहां से हटाया तो जान से खत्म कर देंगे। फरियादी की उक्त रिपोर्ट पर पुलिस थाना इंगोरिया पर अभियुक्तगण के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया।
            नोटः- फरियादी द्वारा न्यायालय में राजीनामा पेश किया गया तथा जमानत पर कोई आपत्ति होना नहीं व्यक्त किया गया।
अभियुक्तगण द्वारा जमानत आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अभियोजन अधिकारी की ओर से जमानत आवेदन का विरोध करते हुये तर्क किये कि अभियुक्तगण द्वारा हफ्ता वसूली का गंभीर अपराध कारित किया है तथा इनके द्वारा बस की सवारियों को उतारकर जबरजस्ती दूसरी बस में बिठाया गया है। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्केे से सहमत होकर अभियुक्तगण का जमानत निरस्त किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता श्री कलीम खान, एजीपी तह0 बड़नगर जिला उज्जैन द्वारा की गयी।

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