हमें क्षेत्रीय भाषाओं को विलुप्त होने से बचाना-डॉ. निशा महाराणा  विश्व हिन्दी दिवस पर वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित हुआ

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर १४ जनवरी ;अभी तक;  विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि एवं प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास मंदसौर इकाई की जिला संयोजक, आयोजक व महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निशा महाराणा ने कहा कि हिंदी को हम विश्व के पटल ले जाएं किंतु क्षेत्रीय भाषाओं को विलुप्त  होने से बचाना भी होगा। डॉ. महाराणा ने सभी का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्य वक्ता राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मंदसौर के हिंदी विभागाध्यक्ष श्री जे.एल. आर्य ने हिंदी के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि  हिंदी भाषा में भी रोजगार की असीम संभावना है।
            विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रांत के संयोजक राकेश धन्ड ने कहा कि अंग्रेजी हमारे घर में प्रवेश कर गई है, यहां पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम नई पीढ़ी को हिंदी से स्नेह करना सिखाएं।
               कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उज्जैन संभाग के संयोजक डॉ आर.एम. शुक्ला ने कहा कि हिंदी राज्य की भाषा नहीं बल्कि राज्य की एकता की भाषा है।
                  शासकीय कन्या महाविद्यालय ,उज्जैन की हिंदी की सेवानिवृत्त आचार्य डॉ. उमा वाजपेई   ने कहा कि हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 10 जनवरी 2006 को हिंदी विश्व हिंदी दिवस मनाने का निर्णय लिया था।
इस कार्यक्रम में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, मंदसौर इकाई के सदस्य, महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का आभार आयोजक व प्राचार्य डॉ. निशा महाराणा ने व्यक्त किया।

 

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