हाईकोर्ट फेसला- बिना पडताल के अपराधी बनाने पर शीना को किया दोषमुक्त

मयंक शर्मा
खंडवा २९ अक्टूबर ;अभी तक;  नगर के बहुचर्चित  आकाश हलदानी (इंजीनियर) सुसाइड मामले में हाईकोर्ट ने गुरूवार को दिये आदेश में सोशल वर्कर शीना नेगी को दोषमुक्त
कर दिया।न्यायधीश संजय द्विवेदी की कोर्ट ने मामले मे पाया कि पुलिस ने बगैर इन्वेस्टिगेशन, किये केवल सबूत के आधार पर पा्राथमिकी कायम कर ली थी। फिर दबाव में आकर शीना को गिरफ्तार करके जेल भी भेज दिया था। केस डिस्चार्ज के लिए हाईकोर्ट में अपील की गई,। गुरुवार को हाईकोर्ट ने मृतक आकाश की दोस्त व पेशे से सोशल वर्कर शीना नेगी को दोषमुक्त करते हुए केस डिस्चार्ज कर दिया।
                ज्ञातव्य है कि 9 नवंबर 2019 की रात पेशे से इंजीनियर आकाश पिता राजकुमार हलदानी ने रेलवे ट्रेक पर जाकर जान दे दी थी। मोघट पुलिस ने बगैर
इन्वेस्टिगेशन अगले दिन आकाश की दोस्त व  सोशल वर्कर शीना नेगी के विरुद्व आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में प्राथमिकी  दर्ज कर ली। फिर कथित  दबाव में चलते खंडवा मोघट पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में वेश् कियाा जहां से शीना को जेल भी भेज दिया था। हालांकि, दूसरे दिन शीना को जमानत  मिल गई थी।
               अपील मामले को देख रहे स्थानीय अधिवक्ता रोचक नागौरी ने बताया कि, आकाश हलदानी सुसाइड केस में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बगैर इन्वेस्टिगेशन के
अभियुक्ता शीना पर धारा 306 व एट्रोसिटी एक्ट में केस दर्ज कर लिया था। पुलिस के पास कोई सबूत नहीं था। पुलिस का आरोप था कि शादी के लिए शीना ने आकाश पर दबाव बनाया और उसने खुदकुशी कर ली।
             इसे लेकर मामले में अपील कर जनवरी 2020 में चुनौती देकर हाईकोर्ट में केस डिस्चार्ज के लिए पेश किया जहां गुरूवार 28 अक्टूबर को कामयाबी मिल गयी
है। कोरोनाकाल के बाद शुरु हुई सुनवाई में हाईकोर्ट न्यायधीश संजय द्विवेदी ने अपने फैसले में कहा कि, यदि अभियुक्ता ने शादी का प्रस्ताव दिया तो यह आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं होता।