हिन्दी भाषा में रोजगार के लिए शुद्ध उच्चारण एवं मानक वर्तनी का ज्ञान जरूरी – डॉ. जे.एल. आर्य

7:28 pm or January 27, 2021
हिन्दी भाषा में रोजगार के लिए शुद्ध उच्चारण एवं मानक वर्तनी का ज्ञान जरूरी - डॉ. जे.एल. आर्य
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर २७ जनवरी ;अभी तक; राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मन्दसौर के हिन्दी विभाग एवं स्वामी विवेकानन्द कॅरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में हिन्दी भाषा का अध्ययन कर रोजगार तलाषने वाले स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के सभी विद्यार्थियों की राह आसान करने के लिए गूगल मीट एप के माध्यम से “हिन्दी भाषा एवं रोजगार” विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
                        विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संस्था प्राचार्य डॉ. सी.एल. खिची द्वारा विद्यार्थियों को बताया गया कि हिन्दी भाषा का अध्ययन करते समय अषुद्धियों का निवारण करने का प्रयास करना चाहिए । अच्छी हिन्दी सीखें एवं उसमें रचनात्मक लेखन करें । जो विद्यार्थी रोजगारमूलक हिन्दी के विषय में किसी भी प्रकार की जानकारी लेना चाहे तो महाविद्यालय के प्राध्यापकों से मार्गदर्षन ले सकते हैं ।
                    हिन्दी भाषा एवं रोजगार के व्याख्यान कार्यक्रम में मुख्य वक्ता हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जुझारलाल आर्य द्वारा बताया गया कि अधिकतर विद्यार्थी लक्ष्य का निर्धारण किये बिना हिन्दी भाषा एवं हिन्दी साहित्य में प्रवेष ले लेते हैं और बाद में रोजगार हेतु भटकते रहते हैं । हिन्दी भाषा में रोजगार के लिए शुद्ध उच्चारण एवं मानक वर्तनी का ज्ञान होना जरूरी होता है। हिन्दी भाषा में वर्तमान में कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध है। आज की हिन्दी रोजगार की भाषा बनती जा रही है, इस बात में कोई संषय नहीं है । हिन्दी राष्ट्रीय स्तर पर हो या अन्तर्राष्ट्रीय स्तर, हर स्तर पर छाई हुई है।
                 हिन्दी में अध्यापन, अनुसंधान, पत्रकारिता, प्रिंट पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता, अनुवादक,  राजभाषा सहायक, राजभाषा, हिन्दी अधिकारी, विज्ञापन, मीडिया, रचनात्मक लेखन, इंटरनेट, राष्ट्रीय- अन्तर्राष्ट्रीय मंच, टी.वी. और रेडियो चैनल, पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों के हिन्दी रूपान्तरण आने से रोजगार के अवसरों में कई गुना वृद्धि हुई है । हिन्दी मीडिया के क्षेत्र में संपादकों, संवाददाताओं, रिपोर्टरों, न्यूज रीडर्स, उपसंपादक, प्रूफ रीडरों, रेडियो जॉकी, एंकर्स आदि की बहुत आवष्यकता होती है । इनमें रोजगार की इच्छा रखने वालों के लिए पत्रकारिता जनसंचार में डिग्री-डिप्लोमा के साथ-साथ हिन्दी में अकादमिक योग्यता रखना महत्वपूर्ण है। कोई व्यक्ति रेडियो, टी.वी., सिनेमा के लिए स्क्रिप्ट राइटर, डायलाग राइटर व गीतकार के लिए भी काम कर सकता है ।डॉ. सीमा जैन ने हिन्दी भाषा की महत्ता पर प्रकाष डालते हुए कहा कि हिन्दी में रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं । जहाँ हिन्दी का अध्ययन करने वाले युवा अपना भविष्य संवार  सकते हैं । हिन्दी भाषा एवं रोजगार कार्यक्रम का संचालन डॉ. सीमा जैन द्वारा किया गया । आभार प्रदर्षन डॉ. रवीन्द्र पंवार द्वारा किया गया । कार्यक्रम के दौरान प्रो. अनिल आर्य एवं प्रो. वरदीचन्द राठौर का विषेष सहयोग रहा ।

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