10 वर्षीय मासूम की गोली लगने से मौत के बाद चुपचाप दफनाया, 20 दिन तक पुलिस को नहीं लग सकी भनक

भिंड जिले से  डॉ रवि शर्मा

भिंड ९ जून ;अभी तक; भिंड जिले के बरौली थाना अंतर्गत सीताराम का पूरा में हुई 10 वर्षीय मासूम की गोली लगने से मौत की भनक  पुलिस को 20 दिन तक नहीं लग पाई । 8 जून को सुबह जब गांव में पंचायत द्वारा मृतिका के आरोपी दो मामा को 45 दिन तक गांव से बाहर रहने और गंगा स्नान पर लौटने के बाद भंडारा करने का फैसला सुनाया गया तभी किसी ने पुलिस को घटना के बारे में सूचना दी ।

दरअसल 7 मई को राम लखन सिंह कुशवाहा की मौत के बाद उनके बेटे मोनू कुशवाह और बुद्धि सिंह कुशवाह द्वारा 20 मई को मृत्यु भोज का आयोजन किया गया था । कार्यक्रम के अगले दिन दोनों भाइयों ने बंटवारे को लेकर विवाद में अपने ही पिता की लाइसेंसी बंदूक चला दी जिसकी गोली इसकी सगी बहन हटोरी निवासी ग्राम बिरौली दतिया की 10 वर्षीय बेटी को लगने से उसकी मौत हो गई थी ।

भांजी की हत्या के बाद थाने में जमा करा दी बंदूक ; ग्रामीणों के अनुसार वारदात के बाद आयोजित की गई पंचायत उपरांत पंचो  की सलाह पर वारदात में प्रयुक्त पिता रामलखन सिंह के नाम लाइसेंसी बंदूक को थाने में जमा कर दी गई । तदोपरांत आरोपी   पंचायत द्वारा सुनाई गई 45 दिन गांव से बाहर रहने की सजा काटने के लिए फिलहाल निकल गए हैं हालांकि 8 जून की दोपहर थाना प्रभारी भारौली 12वीं चौबे टीम के साथ मृतका की मां हटो देवी के दतिया जिले अंतर्गत डीपीआर पूछताछ के लिए रवाना हो गए हैं।

पंचायत में शामिल लोग कार्यवाही के लिए होंगे । एसपी मनोज कुमार सिंह के अनुसार पंचायत के माध्यम से आरोपियों को उनके पाप से मुक्ति दिलाने के लिए कानून को दरकिनार कर फैसला सुनाने वाले सभी पंचो पंचायत लगाए जाने के वक्त केसरी साक्षी भी पुलिस जुटाने में लग रही गई है । स्थानीय  ग्रामीणों के अनुसार पंचायत द्वारा सुनाए गए 45 दिन गांव से बाहर रहने और उनके उसके बाद गंगा स्नान कर लौटने पर भंडारा कराने के फैसले के बाद आरोपी मोनू सिंह उदय सिंह कुशवाहा से बाहर रहने की सजा पर निकल गए क्या पंचायत के फैसले उपरांत गांवपंकज के ही व्यक्ति द्वारा की गई सूचना पर मामले को संज्ञान में लिया गया है मृतका की मां के अलावा मामले से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है जांच के बाद संबंधित कार्रवाई की जावेगी बाल्मीकि चौबे थाना प्रभारी भारौली भिंड