109 प्रधान आरक्षकों के कंधे पर सजे सितारे, 176 सिपाहियों का भी प्रमोशन

भिण्‍ड से डॉ. रवि शर्मा

भिंड ४ मार्च ;अभी तक; लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे जिले के 109 प्रधान आरक्षकों के कंधों पर  सितारे सज गए। वहीं 176 सिपाही भी पदोन्नति पाकर प्रधान आरक्षक बन गए। काफी समय बाद पदोन्नति पाने वाले जवान जहां काफी खुश नजर आए, वहीं उनके परिवार के लोग भी प्रफुल्लित थे। बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ प्रधान आरक्षक रविशंकर मिश्रा के कंधे पर एएसपी संजीव कंचन और मालनपुर टीआई विनोद सिंह कुशवाह ने सितारे लगाए।

इसके बाद एएसपी कंचन ने उन्हें बुके भेंटकर और मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी।यहां बता दें कि पुलिस विभाग में करीब 5 साल से बंद पड़ी पदोन्नति प्रक्रिया इस साल फिर से शुरू हो गई। पदोन्नति न मिल पाने के कारण जवानों के अंदर पनप रहे आक्रोश को देखते हुए सरकार ने उनकी वरिष्ठता के आधार पदनाम बदल दिए हैं, जिसके तहत आरक्षक से लेकर उपनिरीक्षक तक की पदोन्नति की गई है। मंगलवार की शाम पुलिस अधीक्षक कार्यालय से आरक्षक से प्रधान आरक्षक और प्रधान आरक्षक से सहायक उपनिरीक्षक की सूची जारी की गई, जिसमें 176 आरक्षक बुधवार से प्रधान आरक्षक हो गए।

जबकि 109 प्रधान आरक्षकों के कंधे पर एक सितारा सजने के बाद वे सहायक उपनिरीक्षक बन गए। वहीं इस पदोन्नति से सबसे ज्यादा खुशी सहायक उप निरीक्षक बने जवानों में नजर आई। वजह यह थी कि उनके कंधे पर सितारे सजने साथ ही उनकी वर्दी का लुक भी बदल गया। नीली गोल टोपी की जगह पी-केप और बेल्ट व जूते का रंग भी काले से लाल हो गया।

उपनिरीक्षक व निरीक्षकों की सूची होना है जारी

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से आरक्षक से प्रधान आरक्षक और प्रधान आरक्षक से सहायक उप निरीक्षक की सूची जारी होने के बाद सहायक उपनिरीक्षक से उपनिरीक्षक और उपनिरीक्षक से निरीक्षकों की सूची पुलिस मुख्यालय भोपाल से जारी होना है। बताया जा रहा है कि भिंड पुलिस अधीक्षक कार्यालय से उक्त सूची तैयार कर भेज दी है। उपनिरीक्षक और निरीक्षकों के रिक्त पदों के अनुसार यह सूची जारी होगी।

बिना वित्तीय भार किया कर्मचारियों को खुश

बता दें कि सरकार ने बिना वित्तीय भार के कर्मचारियों के पदनाम परिवर्तित कर उन्हें खुश करने का प्रयास किया है। दरअसल पिछले पांच सालों में पुलिस विभाग में ऐसे कई कर्मचारी थे, जिन्हें प्रमोशन तो नहीं मिल पाया था। लेकिन उनका वेतन उतना हो गया था, जितना कि उन्हें उस पद पर मिलना चाहिए था। ऐसे में सरकार ने ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर रिक्त पदों के मान से उनके पदनाम परिवर्तित कर दिए।

 

Related Articles

Post your comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *