138 किमी के इच्छापुर  इंदौर मार्ग को फोरलेन निर्माण 2024 तक पूरा होगा

मयंक शर्मा
खंडवा १७ सितम्बर ;अभी तक;  इंदौर-इच्छापुर हाईवे का निर्माण पांच चरणों में पूरा किया जाना है। इसके लिए इस क्षेत्र में तीसरे चरण के तहत काम किया जाएगा। इसमें कुरावद से धनगांव तक 45 किमी के मार्ग का निर्माण होना है।इंदौर-इच्छापुर फोरलेन हाईवे की कुल लंबाई करीब 138 किमी है। जिसका काम पांच चरणों में किया जाना हैं। इसमें पहला चरण इंदौर के भंवरकुंआ से लेकर तेजाजी नगर तक, दूसरा चरण तेजाजी नगर से कुरावद तक, तीसरा चरण कुरावद से धनगांव तक, चैथा चरण धनगांव से बोरगांव व पांचवां चरण बोरगांव से इच्छापुर तक होगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने धनगांव से बोरगांव बुजुर्ग (58 किमी) के बीच 866 करोड़ रुपए से काम शुस् किया है।  हाईवे निर्माण की समय सीमा एनएचएआई ने दो साल तय की है। हाईवे में आबादी वाले दौड़वा, देशगांव, छैगांवमाखन, कुमठी, रुस्तमपुर व बोरगांव बुजुर्ग के बाहर 6 बायपास बनेंगे। वहीं छैगांवमाखन के पास टोल बूथ का निर्माण होगा। सड़क का निर्माण करने वाली कंपनी 15 साल तक रखरखाव करेगी।
                             पीआईयू (एनएचएआई) के  प्रोजेक्ट डायरेक्टर, वीके कनकने, ने बताया कि
बोरगांव बुजुर्ग से मुक्ताईनगर (76.3 किमी) तक हाईवे निर्माण के लिए
डीपीआर का काम चल रहा है। 11 सौ करोड़ रुपए की लागत से बोरगांव से
बुरहानपुर और मुक्ताईनगर महाराष्ट्र तक सड़क के डीपीआर के लिए ड्रोन से
सर्वे का काम हुआ। दिसंबर तक टेंडर जारी होंगे। लगभग तीन महीने मार्च-
2022 तक निर्माण कंपनी तय हो जाएगी। वहीं मई 2022 तक काम शुरू होने की
संभावना है।धनगांव-बोरगांव बुजुर्ग तक नेशनल हाईवे दो साल में बनकर तैयार
हो जाएगा। बोरगांव बुजुर्ग से मुक्ताईनगर तक हाईवे बनाने के लिए दिसंबर
तक टेंडर जारी होंगे। मई 2022 तक काम शुरू होने की संभावना है। डीपीआर के
लिए ड्रोन से सर्वे का काम हुआ।
                गुरूवार 16 सित. से  इंदौर-इच्छापुर हाईवे के चैथे चरण बोरगांव से धनगांव
तक 58 किमी का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। बारिश के कारण कार्यक्रम
डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय में किया। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नितिन
गड़करी व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान ने वर्चुअल शिलान्यास किया। इस
शिलान्यास से चैथे चरण की निर्माण प्रक्रिया में तेजी आएगी।
                बडवाह एसडीएम अनुकूल जैन ने आगे बताया कि  फोर लेन के हाइवे के तहत तीसरे
चरण में जिन 25 गांवों के  610 किसानों की 178.453 हेक्टेयर जमीन को
अधिग्रहित किया गया है। इसमें अधिग्रहित की गई जमीनों के बदले मुआवजे की
राशि का वितरण भी शुरू कर दिया है। इसमें 610 किसानों को एक अरब 20 करोड़
रुपए का मुआवजा राशि दी जाना हैं। इसमें से अब तक किसानों के खाते में 30
करोड़ रुपए डाले जा चुके हैं।
                  उधर कई गांवों में किसान मुआवजे में अनियमितता को लेकर विरोध कर रहे हैं।
किसानों ने उनके परिसंपत्तियों का मूल्यांकन सीमांकन के साथ ही अन्य कई
आपत्तियां भी दर्ज कराई  है। भानबरड़ निवासी किसान बालकराम चैधरी ने बताया
हम तीन भाई है। जिनकी अलग-अलग जमीन का बंटवारा हो चुका है लेकिन नेशनल
हाईवे वाले इसे एक ही मान रहे हैं। वह अलग-अलग मुआवजा देने के बदले एक ही
मुआवजा दे रहे हैं। जिससे हमें कम मुआवजा मिल रहा है। खेत में बने टीन
शेड को नहीं लिए जा रहा है। यहां जो मकान है। उसका आकलन भी कम आका जा रहा
है। इसके लिए शासन के नियमों अनुसार पूरा आंकलन कर मुआवजा प्रदान किया
जाए। उन्होन े कहा कि हमारी परिसंपत्तियों का सीमांकन व मूल्यांकन के साथ
ही शासन ने जो 20 प्रतिशत गाइड लाइन कम की है। उसे भी यथावत रखकर मुआवजा
दिया जाना चाहिए।ग्राम के ही . किसान लीलाधर जायसवाल ने बताया मेरी
भानभरड़ में गांव से लगी जमीन है। जिस पर से करीब 1 एकड़ में से हाईवे का
निर्माण होना है। जिस पर करीब 15 से 20 फलदार पेड़ है। वहां पर पाइप भी
लगी हुई है। जिसका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। इस पर परिसंपत्ति भी बनी
हुई है। जिसका भी कोई मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। यहां से एक किमी दूरी
पर 24 लाख रुपए हैक्टेयर का मुआवजा मिल रहा है। जबकि हमें मात्र 9 लाख
रुपए एकड़ का मुआवजा ही दिया जा रहा है।
किसानों ने बताया इस संबंध में अफसरों को ज्ञापन दिया गया है लेकिन अब तक
कोई निराकरण नहीं किया जा रहा है।
0यह है गांव होंगे प्रभावित
बलवाड़ा, कुरावद, चिचला, पढ़ाली बुजुर्ग, पढ़ाली खुर्द, उमरिया, बागफल,
भिकुपुरा, सबलुपरा, खोड़ी, नरसिंहपुरा, नाया, अगरवाड़ा, नांदिया, बफलगांव,
जयमलपुरा, कटघड़ा, नंदगांव, सनावद, रुपखेड़ा, बोखर, बासवा, बमनगांव,
गोपालपुरा, भानबरड़,।
0 एक नजर में तीसरे चरण का काम
0 25 गांवों में से होकर गुजरेगा हाईवे
0 610 किसान होंगे प्रभावित
0 178.453 हेक्टेयर भूमि होगी अधिग्रहित
0 158. 862 हेक्टेयर भूमि है सिंचित
0 17.456 हेक्टेयर भूमि है असिंचित
0 2.045 हेक्टेयर भूमि है डायवर्टेड
श्री जैन ने बताया कि धनगांव से बोरगांव के बीच 58 में से 30 किमी में
अर्थवर्क शुरू किया गया है जो दो साल में पूरा होगा।