नकली नोट को असली बता कर ठगी करने वाले आरोपियों की जमानत निरस्‍त

सीहोर २६ अगस्त ;अभी तक; न्‍यायालय श्री मनीष लौवंशी अपर सत्र न्‍यायाधीश बुदनी द्वारा नकली नोट को असली बता कर ठगी करने वाले आरोपियों की जमानत निरस्‍त की गई .

 

मीडिया सेल प्रभारी श्री केदार सिंह कौरव द्वारा बताया गया कि  फरियादी राजेश प्रताप सिंह पिता संकट मोचन सिंह ने थाना रेहटी उपस्थित होकर इस आशय की रिपोर्ट लेख बद्ध कराई कि दिनांक 06/08/2020 को रात के समय 10:30 बजे मैं दुकान के काउंटर पर बैठा था और मेरे सहकर्मी बद्री प्रसाद और कैलाश कीर ग्राहक को शराब वितरण कर रहे थे कि एक आदमी मेरे पास आया और उसने मुझ को 500 रूपये का एक नोट दिया और एक बॉटल प्‍लेन मदिरा शराब की मांगी मैंने नोट देखा जो हाथ में लेने पर अपने अनुभव के आधार  पर मुझे नकली लगा । देखा  कि उक्‍त व्‍यक्ति दो दिन पहले भी मुझ से शराब खरीद कर ले गया था और 500 रुपये का नोट दिया था जल्‍द बाजी में मैंने नोट अपने गल्‍ले में रख लिया था जो गिनती के दैरान नकली पाया गया था आज हमारे स्‍टाफ की मदद से हमने आरोपी को पकडा और उसका नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम मुकेश पिता रामविलास नायर निवासी मकोडिया कीर का होना बताया उक्‍त रिपोर्ट पर अपराध क्र. 303/20एवं धारा 489(ख), 489(ग) भादवि का प्रकरण दर्ज किया जाकर विवेचना में लिया  गया  । विवेचना दौरान आरोपी से पूछताछ पर बताया गया कि उक्‍त नकली नोट मैंने लक्ष्‍मण कहार निवासी होशंगाबाद की फोटोकॉपी दुकान से 10 नोट रंगीन प्रिंटर से फोटोकॉपी कराये थे। पुलिस द्वारा लक्ष्‍मण कहार से एक 500 रुपये का नकली नोट जप्‍त किया गया। इसके अलावा उसके दोस्‍त रितिक कीर मकोडिया को 500 रुपये के चार नकली नोट उपयोग करने की मंशा से दिये थे । रितिक कीर द्वारा 1 नोट उपयोग किया गया तथा बाकी 3 नकली नोटों को मुकेश के पकडे जाने के बाद फाड कर फेंक दिया गये। पुलिस द्वारा आरोपियों के उपयोग किये हुए न‍कली नोटों को जप्‍त किया गया। तीनों आरोपी न्‍यायिक हिरासत में है।

आरोपी रितिक कीर पिता रामचन्‍द्र कीर एवं आरोपी मुकेश नायर  पिता रामविलास नायर निवासी मकोडिया कीर द्वारा माननीय न्‍यायालय श्री मनीष लौवंशी अपर सत्र न्‍यायाधीश बुदनी जिला सीहोर के समक्ष जमानत आवेदन पेश किया गया जिस पर अतिरि‍क्‍त शासकीय अधिवक्‍ता बुदनी श्री रामेश्‍वर यादव द्वारा जमानत आवेदन का विरोध किया गया । जिस पर माननीय न्‍यायालय द्वारा अपराध की गंभीरता तथा प्रकरण की परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए आरोपियों द्वारा प्रस्‍तुत जमानत आवेदन निरस्‍त कर दी गई। 

शासन की ओर से अतिरि‍क्‍त शासकीय अधिवक्‍ता बुदनी श्री रामेश्‍वर यादव द्वारा पक्ष रखा गया।

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