16 जून से 15 अगस्त तक वर्षा ऋतु में मछली मारने, क्रय करने या बेचने पर प्रतिबंध

रवि शर्मा

भिण्ड 14 जून,;अभी तक;  संपूण मध्यप्रदेष में 16 जून से 15 अगस्त 2021 तक मछली का प्रजनन काल होने से बंषवृद्वि को दृष्टिगत रखते हुए मत्स्य संरक्षण की जाकर उक्त काल को बंद ऋतुकाल घोषित किया गया है।

कलेक्टर डॉ सतीष कुमार एस ने आदेष जारी कर कहा है कि म.प्र. मत्स्यद्योग अधिनियम 1948 (संषोधित) 1981 की धारा 3 (3) एवं म.प्र. नदीय नियम 1972 के नियम 3(2) के अंतर्गत संपूर्ण मध्यप्रदेष में 16 जून से 15 अगस्त तक बंद ऋतुकाल होने के कारण अवैधानिक मतस्याखेट/परिवहन, क्रय, विक्रय, निषद्व होकर संज्ञेय अपराध है, नियम का उल्लंघन करने पर उक्त मत्स्यद्योग की धारा 5 में रूपये 5 हजार तक का जुर्माना अथवा एक वर्ष का कारावास अथवा दोनो से दंडित किये जाने का प्रावधान है। म.प्र.मछली पालन विभाग के आदेषानुसार छोटे तालाब व अन्य स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नहीं है और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा के अंतर्गत नहीं लिया गया है, को छोडकर समस्त नदियों एवं जलाषयों में मत्स्याखेट पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।