2 अफीम तस्करों कोे 04-04 वर्ष का सश्रम कारावास

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / नीमच १५ नवंबर ;अभी तक;  श्रीमान राजवर्धन गुप्ता, विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985) नीमच के द्वारा अवैध मादक पदार्थ अफीम की तस्करी करने वाले दो आरोपीगण कमलेश पिता रामजस मेघवाल, उम्र-18 वर्ष, निवासी-ग्राम-सरजना, थाना नीमच सिटी, जिला नीमच व जितेन्द्र पिता कन्हैयालाल प्रजापत, उम्र-20 वर्ष, निवासी-ग्राम भरभडिया, थाना-नीमच केंट, जिला नीमच को एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985 की धारा 8/18 के अंतर्गत 04-04 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10,000-10,000 रूपये जुर्माने से दण्डित किया।
               श्री मनीष जोशी, लोक अभियोजक द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना लगभग 04 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 18.04.2017 दिन के लगभग 2 बजे रेलवे फाटक के पास ग्राम धनेरियाकला की है। पुलिस थाना बघाना में पदस्थ एसआई बापूलाल चैहान को मुखबिर से सूचना मिली की रेलवे फाटक के पास ग्राम धनेरियाकला से मोटरसाईकल पर 02 व्यक्ति अफीम तस्करी हेतु निम्बाहेडा (राजस्थान) की तरफ ले जाने वाले हैं। मुखबिर सूचना के आधार पर एसआई बापूलाल चैहान फौर्स सहित मुखबिर द्वारा बताये गये स्थान पर पहुॅचे जहाॅ मुखबिर द्वारा बताये हुलिये के 02 व्यक्ति मोटरसाईकल पर आते दिखे, जिनको फोर्स की सहयता से रोका तथा उनकी तलाशी लिये जाने पर उनके कब्जे से मिले बैग के अंदर रखी पौलिथिन में 02 किलो अवैध अफीम मिली, जिसको जप्त कर व आरोपीगण को गिरफ्तार कर थाना बघाना में अपराध क्रमांक 71/17, धारा 8/18 एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपीगण के द्वारा बताया गया की उन्होंने अफीम को सोनू उर्फ राजकुमार दीवान से खरीदा था, जिसे गिरफ्तार कर शेष विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय मंे प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान विवेचक, जप्ती अधिकारी, फोर्स के सदस्यों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराये गये। माननीय न्यायालय द्वारा अभिलेख पर आयी साक्ष्य के आधार पर आरोपीगण कमलेश व जितेन्द्र को अवैध रूप से अफीम की तस्करी किये जाने के अपराध का दोषी मानते हुये धारा 8/18 एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत 04-04 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10,000-10,000रू. जुर्माने से दण्डित किया व आरोपी सोनू उर्फ राजकुमार को अभिलेख पर आई साक्ष्य के आधार पर संदेह का लाभ प्रदान कर दोषमुक्त किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री मनीष जोशी, लोक अभियोजक, नीमच द्वारा की गई।