2 लाख 91 हजार के माँ को उतारा मौत के घाट, बेटी-दामाद ने शव को ठिकाने लगाने बंजारीढाल के जंगल में फेंका था शव

11:01 am or June 11, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल ११ जून ;अभी तक;   महज 2 लाख 91 हजार रुपए के लिए एक बेटी ने जन्म देने वाली अपनी माँ को ही पत्थर से कुचलकर जहां बेरहमी से हत्या कर दी। वहीं शव को ठिकाने लगाने के लिए पति की मदद लेकर माँ के शव को कार से बंजारीढाल के जंगल की खाई में फेंक दिया था। इतना ही नहीं दोनों शातिर बेटी-दामाद ने नर्मदापुरम कोतवाली थाने में पहुंचकर बकायदा मृतिका भागीरथी पति स्व. रामरतन झरबड़े (60) की गुमशुदगी भी दर्ज करा दी थी।

चरवाह को 6 जून को दिखा था शव

मवेशी चराने वाले रानीपुर क्षेत्र के चरवाहों को 6 जून की को बंजारी ढाल के जंगल में एक वृद्ध महिला का शव दिखाई देने पर उन्होंने ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों की सूचना पर रानीपुर पुलिस की दी थी। इस मामले में पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने भी घटना स्थल का निरीक्षण करने के उपरांत एफएसएल को भी जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच उपरांत हत्या प्रतीत होने पर धारा 302, 201 भादवि के  तहत 9 जून को अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया।

रुपए के लिए उतारा था मौत के घाट

प्रकरण के अनुसंधान में पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन पर अनुसंधान में पाया कि मृतिका अपनी छोटी लड़की उषा वाईकर पति करन वाईकर के पास करीब एक माह पहले से रह रही थी। चूंकि कुछ दिन पहले ही भागरथी झरबडे द्वारा उसकी गांव की जमीन बेचकर उसके द्वारा छोटी पुत्री उषा बाईकर पति करन बाईकर के कोटक बैंक बैतूल के खाते में जमीन बिक्री की रकम 5 लाख 82 हजार रूपये जमा करवाये थे। मृतिका उक्त राशि में से आधी रकम 2 लाख 91 हजार अपनी बड़ी पुत्री रेखा पाटिल निवासी पाथाखेडा को देना चाहती थी, इसी बात को लेकर 29 मई को पुत्री एवं मां के बीच लडाई-झगड़ा हुआ और पुत्री उषा बाईकर के द्वारा माँ भागरथी को घर में रखे पत्थर से सिर में मारकर हत्या कर दी और पति करन बाईकर के साथ मिलकर शव को कार से ले जाकर बंजारी माई के आगे पीपल खूटा की ढलान में फेंक दिया  था और 1 जून को कोतवाली थाना नर्मदापुरम में गुम इंसान की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
बेटी दामाद ने कबूल किया जुर्म
पुलिस विवेचना के द्वारा की गई गहन पूछताछ करने पर उषा वाईकर एवं उसके पति करन वाईकर द्वारा जुर्म कबूल कर लिया गया। प्रकरण की विवेचना, आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी रानीपुर सरविंद धुर्वे, एएसआई भरत नाथ, लक्ष्मण शाह, आरक्षक धनीराम, आरक्षक तिलक, आरक्षक महेश, महिला आरक्षक सकुन की विशेष योगदान रहा है।