2 वर्ष के अंदर हुई लूट की घटनाओं का कोतवाली पुलिस नहीं लगा सकी सुराग, आज भी लूट से पीड़ित लगा रहे पुलिस के चक्कर

7:27 pm or November 20, 2022
सुनील गौतम
 दमोह २० नवंबर ;अभी तक; शहर में विगत 2 वर्षों में जिस प्रकार से अपराधिक घटनाओं ने रिकार्ड तोड़ा है वह विगत 25 से 30 वर्षों के बीच भी इतने अपराध घटित नहीं हुए जितने अपराध इन 2 वर्षों में घटित हुए हैं। इन दो वर्षों में घटित अपराधों के कारण ही कोतवाली थाना में पदस्थ प्रभारियो के कार्यकाल को आम जनमानस हमेशा ही याद रखेगी,क्योंकि शहर के इतिहास में कहें या जिले के इतिहास में कहें इतनी चाकूबाजी की घटनाये कभी नहीं हुई जितनी की दो वर्षों में हुई हैं। लेकिन इन चाकूबाजी की घटनाओं पर कोतवाली पुलिस का किसी भी प्रकार का कोई अंकुश नहीं रहा है। यही कारण है कि इन लगातार हुई चाकूबाजी की घटनाओं के कारण कोतवाली पुलिस में पदस्थ अधिकारियों के कार्यकाल को दमोह शहर की जनता हमेशा ही याद रखेगी। क्योंकि 2 वर्ष में 150 से अधिक चाकूबाजी की घटनाओं ने रिकॉर्ड तोड़ दिया।
 चोरी की घटनाओं का तो रिकॉर्ड ही नहीं
 इसी प्रकार शहर में जिस प्रकार से लगातार दो  वर्ष के अंदर 80 से अधिक चोरियां हुई हैं लेकिन इन चोरियों में सिर्फ उन चोरियो को ही पकड़ा गया है जो मामूली तौर पर या तो पीड़ितों द्वारा ही खोज ली गई या आसानी से प्राप्त हो गई। लेकिन शहर में जितनी भी बड़ी चोरियां हुई उन्हें पकड़ने में कोतवाली पुलिस नाकाम ही रही है और यही कारण रहा कि अनेक ऐसी चोरियां जो पकड़ी ही नहीं गई उन्हें कोतवाली पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक के माध्यम से प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन चोरों को पकड़ने का उल्लेख करते हुए वाहवाही लूटने का प्रयास किया गया। लेकिन वह चोरियां आज तक नहीं पकड़ी गई। इसी क्रम में शहर के नील कमल गार्डन में हुई चोरी की घटना में तो पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही इस बात की घोषणा की थी कि कोतवाली पुलिस द्वारा यह चोरी पकड़ी गई परंतु पीड़ित प्रकाश रजक आज भी अपनी चोरी की सामग्री और इस घटनाक्रम की जानकारी के लिए यहां-वहां भटक रहा है।
         ऐसी अनेक चोरियां हैं जो आज भी पुलिस की पकड़ से दूर है। लेकिन पुलिस इन चोरों को पकड़ने के ना तो प्रयास कर रही है और ना ही किए गए हैं।
 लूट की कोई खबर नहीं
 इसी प्रकार शहर में घटित हुई लूट की घटनाओं के लिए भी दो वर्ष के कार्यकाल को हमेशा ही याद किया जाएगा। क्योंकि इन दो वर्ष के कार्यकाल में जिस प्रकार से सरेआम दिनदहाड़े लूट की घटनाएं घटित हुई हैं और इन घटनाओं की आज तक दूर-दूर तक किसी भी प्रकार की कोई खोज खबर नहीं है। ना ही इस मामले में कोतवाली पुलिस द्वारा इन लूट की घटनाओं को पकड़ने के किसी भी प्रकार के प्रयास किए गए और ना ही किए जा रहे हैं। तीन गुल्ली चौराहे पर तो किसान से 1, 80,000 की दिनदहाड़े हुई लूट के लिए किसान आज भी भटक रहा है। इसके अलावा और अन्य लूट की घटनाओं के संबंध में भी पुलिस किसी भी प्रकार की कोई चर्चा ही नहीं कर रही है। इन लूट की घटनाओं में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पुलिस ने इन सभी में चोरी के मामले दर्ज कर लूट की मामले दर्ज ही नहीं किए। जिससे वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की जानकारी दे सकें कि लूट ही नहीं हुई ,चोरी हुई है। जबकि यह सभी घटनाएं लूट की घटनाये ही थी।
कसाई मंडी एक बार फिर चर्चाओं में
एक बार फिर दमोह का कसाई मंडी गायों के काटने के लिए चर्चा में आता जा रहा है।यहां पर अब खुलेआम गायों का कत्लेआम किया जा रहा है। शनिवार को ही किसी गाय को पकड़ कर मरने के बाद जैसे ही इस बात की जानकारी पुलिस को लगी तो पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार तो किया लेकिन बताया गया है कि अन्य धाराओं में मामला दर्ज करते हुए आरोपियों को सहूलियत प्रदान करते हुए मामूली धाराओं में ही निपटा दिया गया। शहर में इस प्रकार की अनेक अपराधिक घटनाओं को मामूली तौर पर निपटाने या बिना कार्यवाही के निपटाने के लिए ही बाकायदा एक आरक्षक जो कि देहात थाने में भी चर्चित था। उसे तैनात किया गया है इस आरक्षक को देहात थाने से कोतवाली ही इस बात के लिए लाया गया है कि उस के माध्यम से इस प्रकार के जितने भी अनैतिक कार्य हैं। उन्हें सुविधा पूर्वक हल किया जा सके। इस बात की जानकारी भी वरिष्ठ अधिकारियों को है लेकिन उनके द्वारा भी इस मामले में चुप्पी साध लेना इस बात को संदेह देता है कि कहीं ना कहीं अधिकारियों की भी इसमें मिलीभगत है।
इनका कहना है
                      कसाई मंडी में गायों की कटने की सूचना मिलने पर कार्यवाही के निर्देश दिए जाते हैं तथा जितनी भी लूट की घटनाएं घटित हुई हैं उनके लिए लगातार ही पुलिस खोजबीन कर रही है।
शिव कुमार सिंह
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दमोह