21 हजार घरों में हुआ गायत्री यज्ञ का आयोजन

मयंक भार्गव

बैतूल २७ मई  अभी तक ; अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में बुधवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सुबह 8 से 12 बजे तक गायत्री यज्ञ व शाम 7 बजे से दीप यज्ञ का आयोजन किया गया।

गायत्री परिवार के जिला समन्वयक डॉ कैलाश वर्मा व प्रवक्ता रविशंकर पारखे ने बताया कि बैतूल जिले के 21000 से अधिक घरों में कोरोना महामारी से मुक्ति के  लिए व पर्यावरण संरक्षण एवं सुख- शांति के लिए घर-घर गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। गायत्री यज्ञ में हवन सामग्री के साथ घी गुड़, गिलोय, हल्दी, चावल, कपूर, रार, लोभान, मिलाकर आहुति अर्पित की। इसमें आम, पीपल की समिधा व गोबर के कंडे का उपयोग किया।
यज्ञ के दौरान 24 आहुति गायत्री मंत्र व 5 आहुति  महामृत्युंजय मंत्र की अर्पित की गई। इस भाव यज्ञ में कोरोना मुक्ति के लिए प्रार्थना की गई व पर्यावरण संरक्षण के लिए 1 पौधा लगाने का संकल्प लिया।

गायत्री परिवार के उप जोन समन्वयक दीपक मालवी, जिला समन्वयक डॉ कैलाश वर्मा, सह समन्वयक टी .के. चौधरी, रविशंकर पारखे, युवा प्रकोष्ठ प्रभारी अजय पवार, साधना अभियान प्रभारी डॉ रामदास गढ़ेकर, कार्यक्रम प्रभारी धनराज धोटे, ठाकुरदास पवार, अनूप वर्मा, पर्यावरण प्रभारी अमोल पानकर निलेश मालवीय, ब्लॉक समन्वयक डॉक्टर लक्ष्मी नारायण मालवीय, डॉ मनोज पाटणकर, एमआर पाटणकर, सुनील पटेल, जीआर पानसे, डॉ सुखदेव धोटे, आशीष पटैया, आशीष कोकने, विनोद बागडे, महेश सोनी, लखन सुरे, संजू बरोदे, नारायण देशमुख, गणपति गायकवाड, सुभाष मस्की, अशोक माकोड़े, शंकर कडू, कमलेश डढोरे, श्याम सोनी, निर्मला चौधरी, रजनी सोनी, शांताबाई देशमुख सहित जिले के सभी परिजनों का सराहनीय सहयोग मिला। सभी परिजनों ने गायत्री यज्ञ के आयोजन में बढ़-चढ़कर अपना सहयोग प्रदान किया।

गायत्री परिवार ने बैतूल जिले को  कोरोना मुक्त जिला बनाने का संकल्प लिया। परिजनों ने मोबाइल से संपर्क कर राष्ट्रीय यज्ञ अभियान को सफल बनाया। इसके साथ ही भगवान बुद्ध के विचारों को जन जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस दौरान  कोविड-19 व शासन प्रशासन के नियमों का पालन  किया गया  व सुरक्षित यज्ञ सम्पन्न किया।