22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी बैटरी चलित ट्रायसिकल

मयंक भार्गव

बैतूल ८ अक्टूबर ;अभी तक;;  बैसाखी, व्हील चेयर या फिर ट्रायसिकल के सहारे चलने वाले जिले के 116 दिव्यांग कल से बैटरी चलित ट्रायसिकल पर बैठकर बिना पैडल मारे 22 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से फर्राटे भर सकेंगे। इतान ही नहीं ट्रायसिकल में लगी डिक्की में अपना जरूरी सामान भी रख सकेंगे वहीं लाइट, इन्डीकेटर के सहारे रात में भी सफर कर सकेंगे। बैटरी से चलने वाली इस ट्रायसिकल को एक बार चार्ज करने पर 45 किलोमीटर तक यात्रा की जा सकेगी। केन्द्र सरकार, सांसद और डब्लूसीएल के सहयोग से कल जिला अस्पताल परिसर में 48 लाख 72 हजार रूपए मूल्य की 116 मोट्राइज्ड ट्रायसिकल नि:शुल्क वितरित की जाएगी।

80 फीसदी से अधिक  दिव्यांग का हुआ था चयन

उपसंचालक सामाजिक न्याय संजीव श्रीवास्तव ने बताया दिव्यांगों के सहायक उपकरण बनाने वाले भारत सरकार के उपक्रम एरिम्को कंपनी द्वारा वर्ष 2018 में जिले के सभी दस विकासखंड में दिव्यांग शिविर आयोजित किया था। इन शिविर में 80 प्रतिशत से अधिक अस्थि बाधित 116 दिव्यांगों का चयन किया गया था। इन दिव्यांगों के लिए बैटरी चलित ट्रायसिकल देने की स्वीकृति दी गई। इसके बाद कोविड काल लगने से दिव्यांगों को मोट्राइज्ड ट्रायसिकल मिलने में विलंब हुआ।

48.72 लाख से आई 116 ट्रायसिकल

केन्द्र सरकार के उपक्रम एरिक्को द्वारा 80 फीसदी से अधिक दिव्यांगता वाले 116 दिव्यांगों का चयन किया गया। एरिक्को द्वारा मोटराइज्ड ट्रायसिकल के लिए प्रति ट्रायसिकल 25 हजार रूपए दिए जा सकते थे। लेकिन ट्रायसिकल की कीमत 42 हजार रूपए थी। 116 ट्रायसिकल के लिए एरिक्को द्वारा 29 लाख रूपए स्वीकृत कर दिए लेकिन इसमें लगभग 20 लाख रूपए दूसरी निधि से मिलाने थे। ऐसे में सांसद डीडी उईके ने सांसद निधि से दस लाख रूपए दिए वहीं डब्लूसीएल पाथखेड़ा द्वारा दिव्यांगों के लिए 10 लाख रूपए स्वीकृत किए 20 लाख रूपए मिलने पर सभी दिव्यांगों के लिए मोटराइज्ड ट्रायसिकल मिलने का रास्ता साफ हो गया।

एक बार चार्ज होने पर चलेगी 45 किलोमीटर

नवरात्रि के पहले दिन दिल्ली से 116 ट्रायसिकल बैतूल पहुंच गई। पूर्ण रूप से बैटरी से चलने वाली ट्रायसिकल में हेडलाइट, बेक लाइट, दोनों साइड इंडिकेटर, हार्न लगा हुआ है जिससे रात्रि के समय भी चलाई जा सकती है। इसके साथ ही इसमें रिवस गेयर भी है जिससे ट्रायसिकल रिवर्स भी चलाई जा सकती है। इसमें बैटरी की उपलब्धता जानने बैटरी इंडिकेटर भी लगा है। इसकी अधिकतम स्पीड 22 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इसे एक बार बैटरी चार्ज करने पर 45 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है वहीं सामान रखने के लिए एक बड़ी डिक्की भी लगाई गई है। उपसंचालक सामाजिक न्याय संजीव श्रीवास्तव ने बताया 9 अक्टूबर शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में सांसद विधायक द्वारा दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्रायसिकल वितरित की जाएगी।