25 साल पुराने प्रकरण हुआ निराकृत, कोरोना काल के बाद लंबित प्रकरण की सुनवाई में आई तीव्रता

सिद्धार्थ पांडेय

जबलपुर १७ नवंबर ;अभी तक;  कोरोना काल के कारण उच्च न्यायालय में सिर्फ अतिआवश्यक प्रकरणों की सुनवाई हो रही थी। कोरोना का प्रकोप कम होते ही हाईकोर्ट ने लंबित प्रकरण की त्वरित सुनवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये थे। इसी क्रम में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने 25 साल पुरानी याचिका का निराकरण किया।

जिला न्यायालय में एडीजे के पद पर पदस्थ डॉ कैलाश चंद्र शर्मा को 25-50 योजना के तहत अनिर्वाय सेवा निवृत्ति दी गयी थी। जिसके खिलाफ उन्होने साल 1996 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि जिला न्यायालय के संबंध में सर्विस रूल्स उच्च न्यायालय निर्धारित करता है। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता के सर्विस रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद उन्हे अनिर्वाय सेवा निवृत्ति प्रदान की है। युगलपीठ ने याचिका को खारिज करते उसका निराकरण कर दिया।