3 दिन में 2521 मरीज पहुंचे जिला अस्पताल

3:44 pm or August 4, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल ४ अगस्त ;अभी तक;  जिले में पिछले सप्ताह तब हुई भारी बारिश के बाद मौसम में बदलाव आने से जिले में वायरल फीवर के मरीज लगातार बढ़ रहे है। गांव-गांव में बुखार सर्दी,  खांसी के साथ ही उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या 900 के ऊपर पहुंचने लगी है। अगस्त माह के शुरूवाती तीन दिनों में ही 2521 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे है जिसमें अधिकांश मरीज वायरल फीवर  और उल्टी दस्त के है। इनमें से पिछले तीन दिनों में 532 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। इस बदले मौसम में डॉक्टरों ने खान-पान में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जिले में जुलाई माह में सामान्य से अधिक बारिश हो गई लगभग एक पखवाड़े तक लगातार हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम में बदलाव आ गया। बारिश बंद होने के बाद तेज धूप निकलने के साथ ही तापमान और उसम बढ़ गई।
मौसम में आए इस परिवर्तन से वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे है वहीं बारिश का पानी अधिकतर जल स्त्रोत से आने के कारण डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अगस्त माह के पहले ही दिन 1 अगस्त को जिला अस्पताल में सर्वाधिक 980 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे 2 अगस्त को 703 मरीज आए वहीं 3 अगस्त को शाम 5 बजे तक ही 838 मरीज जिला अस्पताल आ चुके थे। इनमें से अधिकतर मरीज वायरल फीवर और डायरिया के थे। जिसके चलते एक अगस्त को 209, दो अगस्त को 191 और तीन अगस्त को शाम 5 बजे तक 132 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. रानू वर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले एक सप्ताह में असामान्य रूप से तापमान बढऩे और मौसम में आए परिवर्तन से वायरल फीवर के मरीज लगातार बढ़ रहे है वहीं बारिश का पानी वाटर सोर्शेज से आने के चलते डायरिया के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इस मौसम में नागरिकों को रहन-सहन और खान-पान में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ. वर्मा ने बताया कि इस समय डायरिया के जो मरीज आ रहे है वे जल्दी ठीक नहीं हो रहे साथ ही 3-4 मरीज तो ऐसे में जिनकी किडनी तक पर असर पड़ रहा है।
यह बरते सावधानी
डॉ. रानू वर्मा ने बताया कि इस बदलते मौसम में नागरिकों को एसी, कूलर का उपयोग कम से कम करना चाहिए। एसी, कूलर का उपयोग कर भी रहे है तो एसी, कूलर से तुरंत बाहर नहीं निकलना चाहिए। तापमान बढऩे से खाद्य सामग्री विशेषकर दूध से बनी सामग्री, पनीर, दही, मावा आदि बहुत जल्दी संक्रमित हो रहे है जिसके चलते इनका कम से कम उपयोग करना चाहिए। बाहर का खाना खाने से बचना चाहिए वहीं घर में भी ताजा खाना ही खाना चाहिए। पानी उबालकर या फिल्टर का ही पीना चाहिए वहीं दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। वायरल फीवर के साथ सर्दी, खांसी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है जिससे बाहर निकलने के समय मास्क का उपयोग करना फायदेमंद होगा। डॉ. वर्मा ने बताया यदि इस मौसम में सावधानी नहीं बरती तो कभी भी वायरल या डायरिया की चपेट में आ सकते है। बुखार, सर्दी, खांसी, उल्टी, दस्त जैसे कुछ भी लक्षण दिखाई दे तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाकर उपचार शुरू करना चाहिए। ताकि स्वयं के साथ दूसरों को भी बचाया जा सके।