3 साल में रकम दोगुनी करने वाला नटवरलाल गिरफ्तार

मयंक भार्गव

बैतूल ३१ दिसंबर ;अभी तक;  लोगों को लोक लुभावन सपने दिखाकर महज तीन साल के भीतर ही रकम को दोगुनी करने का लालच देकर चिटफंड कंपनी के नाम पर राशि एकत्र कर फरार हुए मिस्टर नटवरलाल को आखिरकार शाहपुर पुलिस ने कोतकाता से 200 किमी. दूर से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त कर ली है। कोलकाता में चिटफंड कंपनी का संचालक ऑटो चलाते हुए पाया गया। इस ठग को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बंगाली डॉक्टर बनी और जमीन का सौदा करने के बहाने उसे जाल में फंसाया। यह ठग ने शाहपुर क्षेत्र के लोगों से करीब 1 करोड़ रुपए की ठगी कर फरार हो गया था। इसकी शिकायत ढाबा संचालक सहित महिलाओं ने शाहपुर थाने में की थी।

पेशेवर ठग है आरोपी यूपी में है मामले दर्ज

शाहपुर एसडीओपी महेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि चिटफंड कंपनी के माध्यम से लोगों से रुपए ठगने वाले इस गिरोह के आरोपियो ने उत्तरप्रदेश के कई जिलों में भी ठगी की है। जिस पर यूपी में भी आरोपियो के खिलाफ ठगी के मामले दर्ज है। बताया जा रहा है कि वहां भी उन्होंने करीब एक करोड़ रु की ठगी की है। आरोपियो ने यूपी समेत एमपी में कई स्थानों पर स्थानीय युवाओं को एजेंट बनाकर ग्रामीणों के साथ खूब ठगी की। विश्वास बनाने के लिए उन्होंने कुछ लोगो को रकम की मैच्युरिटी होने पर भुगतान भी किया। एसडीओपी महेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि फिलहाल शंकर भुनिया को गिरफ्तार किया गया है जबकि प्रकरण में तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाना है जिसके प्रयास किये जा रहे है।

कोलकाता का ही निवासी हैं आरोपी

एसडीओपी महेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि बैतूल के शाहपुर थाने में चिटफंड कंपनी के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले  शंकर भूनिया, आशीष भट्टाचार्य, मृत्युंजय शाह कोलकाता के पटासपुर के रहने वाला है।  इनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला पिछले 27 अक्टूबर 2021 को दर्ज किया गया था। जिस पर पुलिस ने कोलकाता पहुंचकर खुद को शाखा प्रबंधक बताने वाले शंकर भूनिया को कोलकाता से 200 किलोमीटर दूर महेंद्र पुर जिले के पटासपुर से गिरफ्तार किया है । जिस समय इसे पकड़ा गया यह व्यक्ति ऑटो चला रहा था। आरोप है कि वह बैतूल जिले के कई गांव से एक करोड़ से ज्यादा की रकम लेकर भाग निकला है।
तीन साल में दोगुनी रकम देने दिया था लालच
शाहपुर थाना इलाके के ग्राम बाचा की 8 से 10 महिलाओं और एक ढाबा संचालक ने शाहपुर पुलिस से शिकायत की थी कि संध्या कृषि मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड 2-5 हजार रु तक की राशि प्रति महीने लेकर यह रकम 3 साल में दुगना करने का उन्हें झांसा देकर शंकर भुनिया और एजेंट रामा निवासी पाढर ने उनसे लाखों रुपए की वसूली की थी। इन्होंने झांसा दिया था कि वे उनकी एफडी 3 साल में दुगनी करके देंगे। पुलिस ने चिटफंड कंपनी के शाखा प्रबंधक बताए जा रहे शंकर भूनिया, एमडी आशीष भट्टाचार्य, सीएमडी मृत्युंजय शाह के खिलाफ धारा 420 की एफआईआर की थी। इसके अलावा 30 से 35 ग्रामीणों ने बैतूल की अदालत में निजी रूप से इस्तगासा भी पेश किए है।
ऐसे पकड़ाया आरोपी
साइबर सेल के माध्यम से आरोपी के मोबाइल ट्रेस किए और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने कई तरीके अपनाएं। आरोपी को गिरफ्तार करने कोलकाता पहुंचे एएसआई अजय भट्ट ने बताया कि आरोपी शंकर का पहले पुराना नंबर ट्रेस किया गया। साइबर की मदद से नई सिम का पता लगाया गया और फिर जमीन का ग्राहक बनकर उससे बात की गई। इसके लिए एक सिपाही को बंगाली डॉक्टर बनाया गया और उससे लगातार बात करते हुए आरोपी तक कोलकाता पहुंचा गया। आरोपी शंकर को गिरफ्तार करने के बाद बैतूल पुलिस ने उसे पूर्वी मिदनापुर के एसीजीएम कोर्ट में पेश किया। वहाँ से उसे ट्रांजिट रिमांड पर बैतूल लाया गया। चार दिन की रिमांड पर लाये गए। यूपी में आरोपियों के खिलाफ ठगी के कई मामले दर्ज है, आरोपी को बैतूल कोर्ट में पेश किया गया है।