300 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प

मयंक भार्गव

बैतूल ८ नवंबर ;अभी तक;  स्प्रेडिंग स्माइल ग्रुप के संरक्षक अक्षय तातेड़ के जन्म दिवस के अवसर पर मानव सेवा की श्रृंखला में आयोजित अंगदान संकल्प शिविर का आयोजन किया गया। इस संकल्प शिविर में ग्रीन टाइगर संस्था के प्रबंधक तरुण वैध एवं साथियों सहित लगभग 300 द्वारा भी अंगदान के लिये आवेदन किये गए। कार्यक्रम में कई समाजसेवी पुरुष, महिलाएं एवं जागरूक लोगो द्वारा अंगदान के लिये आवेदन दिया गया। वहीं संस्था के संरक्षक अक्षय तातेड़ एवं  चिचोली की महिला समाज सेवी अमीना बानो द्वारा देहदान का संकल्प पत्र भरा गया। अंगदान संकल्प कार्यक्रम रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ अरुण जयसिंहपुरे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कशिश तातेड़, कविता मालवीय, सरिता पावर, लता सोनी का योगदान सराहनीय रहा।

अंगदान, देहदान सभी दानों में सर्वोपरि

इस अवसर पर अक्षय तातेड़ ने बताया कि दान शब्द का शाब्दिक अर्थ है – देने की क्रिया। दान शब्द अति महनीय शब्द है। देना शब्द परम संतुष्टि प्रदान करता है। दान के बदले किसी प्रकार का विनिमय नहीं हो सकता. किसीको अगर हम कुछ देतें हैं जिसे उसकी अत्यन्त आवश्यकता थी तो उसे परम संतोष होता है और उससे दाता को परमानन्द . दान के विविध रूप हैं। कार्यक्रम में उपस्थित रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉक्टर अरुण जयसिंगपुरे के अनुसार मौत के बाद भी अगर आप किसी के काम आ सकें तो इससे बढियां और क्या हो सकता है? मौत के बाद अगर आपका दिल किसी सीने में धड़के तो इससे बड़ी बात क्या हो सकती है? आपकी मौत के बाद आपकी आंखें फिर से इस हसीन दुनिया को निहारें इससे सुंदर क्या हो सकता है? ये सब संभव है, लेकिन तब जब आप ऐसा नेक और सराहनीय काम के लिए आगे आएंगे जिसके बाद दुनियां आपको याद करेगी। आपके इस बेहद ही महान कार्य को दुनिया सलाम करेगी, आप खुद अंगदान करें और दूसरों को भी अंगदान के लिए प्रेरित करें। अंगदान जैसा महादान हो ही नहीं सकता। अंगदान कर आप किसी को नया जीवन दे सकते हैं, आप किसी के चेहरे पर फिर से मुस्कान ला सकते हैं। आप किसी को फिर से ये दुनिया दिखा सकते हैं। अंगदान करके आप फिर किसी की जिंदगी को नई उम्मीद से भर सकते हैं। अंगदान करने से न केवल आपको बल्कि दूसरे को भी खुशी देती है।